Rug Business from Home: गर्मी के दिनों में महिलाएं घर बैठे कम लागत में छोटा कारोबार शुरू करना चाहती हैं तो पुरानी साड़ियों से दरी और पायदान बनाने का काम उनके लिए अच्छा विकल्प बन सकता है. इस काम में कच्चा माल अक्सर ग्राहक ही देता है, जिससे लागत लगभग नहीं के बराबर रहती है. महिलाएं दो पुरानी साड़ियों से एक सुंदर दरी तैयार कर करीब 150 रुपये तक मेहनताना कमा सकती हैं. अगर रोज 2 से 3 दरी बनाई जाए तो महीने में अच्छी कमाई हो सकती है. हाथ से बने इन उत्पादों की मांग अब बाजार और हस्तशिल्प मेलों में भी बढ़ती जा रही है.
कम लागत में अच्छा मुनाफा
इस काम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ज्यादा पूंजी लगाने की जरूरत नहीं पड़ती. अक्सर जिस व्यक्ति को दरी बनवानी होती है वह अपनी पुरानी साड़ियां खुद दे देता है. महिलाएं आमतौर पर दो साड़ियों से एक दरी तैयार करती हैं और इसके बदले करीब 150 रुपये तक मेहनताना लेती हैं. क्योंकि कच्चा माल ग्राहक का होता है, इसलिए इसमें लागत लगभग नहीं के बराबर आती है. अगर कोई महिला रोज 2 से 3 दरी भी बना लेती है तो महीने के अंत तक अच्छी कमाई हो सकती है.
ऐसे बनती है साड़ी से दरी
दरी बनाने के लिए सबसे पहले पुरानी साड़ियों को पतली-पतली पट्टियों में काटा जाता है. इसके बाद इन पट्टियों को चोटी की तरह गूंथकर गोल या चौकोर आकार में सिलाई की जाती है. इस तरह सुंदर पायदान, दरी या छोटी कालीन तैयार हो जाती है. अगर अलग-अलग रंगों की साड़ियों को मिलाकर डिजाइन बनाया जाए तो यह और भी आकर्षक दिखती है और उसकी कीमत भी बढ़ जाती है.
कई राज्यों में पहले से चल रहा काम
बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में यह काम काफी समय से किया जा रहा है. वहां कई महिलाएं इसी काम के जरिए अपनी रोजी-रोटी चला रही हैं. अब मध्य प्रदेश में भी धीरे-धीरे महिलाएं इस काम को सीख रही हैं और छोटे स्तर पर इसे शुरू कर रही हैं.
महिलाओं के लिए रोजगार का मौका
समाजसेवी अनीता धोतरे बताती हैं कि महिलाओं के पास हुनर की कोई कमी नहीं होती, बस उन्हें सही दिशा मिलने की जरूरत होती है. अक्सर महिलाएं अपनी पुरानी साड़ियों को बर्तन लेने के बदले दे देती हैं, लेकिन उन्हीं साड़ियों से सुंदर दरी और पायदान बनाकर पैसे कमाए जा सकते हैं. अगर महिलाएं अलग-अलग डिजाइन तैयार करें तो बाजार में इनकी अच्छी कीमत मिलती है.
मेलों और समूहों से मिल सकता है बाजार
आजकल हाथ से बनी चीजों की मांग बढ़ती जा रही है. ऐसे में हस्तशिल्प मेले, स्वयं सहायता समूह और हस्तशिल्प विकास निगम जैसे प्लेटफॉर्म पर इन उत्पादों को बेचने का मौका मिल सकता है. कई बार मेलों में महिलाओं को स्टॉल भी दिए जाते हैं, जहां वे अपने बनाए सामान सीधे ग्राहकों को बेच सकती हैं. अगर महिलाएं समूह बनाकर बड़े स्तर पर यह काम शुरू करें तो उन्हें सरकारी योजनाओं और बैंक लोन का भी लाभ मिल सकता है.
महिलाओं के लिए आसान घरेलू बिजनेस
कम लागत और आसान प्रक्रिया होने के कारण पुरानी साड़ियों से दरी बनाने का यह काम महिलाओं के लिए अच्छा घरेलू व्यवसाय बन सकता है. इससे महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी अलग पहचान और आमदनी भी बना सकती हैं.
About the Author
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.