Success Story: सफलता अक्सर प्रेरणा की मोहताज होती है. बेगूसराय की 12 जीविका दीदियों ने इसे सच कर दिखाया है. मशहूर ‘लिज्जत पापड़’ की कहानी से प्रेरित होकर सदर प्रखंड की इन महिलाओं ने अपना खुद का पापड़ उद्योग शुरू किया. जो आज जिले की पहचान बन चुका है. महज एक संकल्प से शुरू हुआ यह सफर आज 40 किलो प्रतिदिन की बिक्री तक पहुंच गया है. ममता देवी और रोशन देवी के नेतृत्व में यह समूह मूंग और उड़द दाल की सफाई से लेकर प्रोसेसिंग तक का काम खुद संभालता है. खास बात यह है कि यूनिट को सोलर एनर्जी से जोड़कर दीदियों ने बिजली का खर्च घटाया और अपनी बचत बढ़ा ली है. आज इन दीदियों के पापड़ की मांग सरकारी दफ्तरों की कैंटीन से लेकर शादियों और स्थानीय बाजारों तक है. रोजाना 5 से 6 हजार रुपये की सेल के साथ, समूह की प्रत्येक महिला हर महीने 10 हजार रुपये से अधिक की शुद्ध कमाई कर रही है. यह कहानी साबित करती है कि अगर सामूहिक शक्ति और सही तकनीक (सोलर) का मेल हो, तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता का नया इतिहास लिख सकती हैं.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.