Eco Friendly Pen with Seed Ball: पटना के रहने वाले ऋषभ की ओरिजिंस ट्राइब रद्दी कागज से पेन-पेंसिल, बांस से बोतल और नीम की लकड़ी से कंघी और ब्रश जैसे उत्पाद बना रही है. जहां होलसेल से लेकर खुदरा तक की अच्छी बिक्री होती है. यही कारण है कि उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के आसपास हो गया है.
जादू से कम नहीं है यह पेन-पेंसिल
ऋषभ के मुताबिक उनकी कंपनी बेकार समझकर फेंक दिए गए. कागज को रिसाइकिल कर उपयोगी पेन और पेंसिल तैयार करती है. इस प्रक्रिया में रद्दी पेपर को दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाया जाता है. इसके बाद इको फ्रेंडली प्रोडक्ट बनाई जाती है. इस पेन-पेंसिल की खासियत यह है कि इनके अंतिम हिस्से में अलग-अलग सब्जियों, मसालों और फूलों के बीज लगाए जाते हैं. जब पेन या पेंसिल इस्तेमाल के बाद मिट्टी में डाल दी जाती है तो कागज धीरे-धीरे गलकर मिट्टी में मिल जाता है और अंदर मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेता है. इस तरह एक साधारण लिखने वाली चीज पौधा उगाने का जरिया बन जाती है.
मात्र इतनी है कीमत
ऋषभ बताते हैं कि इस प्रोडक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है. इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता. साथ ही, उपयोग के बाद इसे फेंकने के बजाय मिट्टी में डालने से टमाटर, मिर्च या अन्य पौधे उग सकते हैं. इन्हें रोजमर्रा के उपयोग में लाया जा सकता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इतनी उपयोगी पेन-पेंसिल की कीमत मात्र 10 से 15 रुपये के बीच रखी गई है.
डेढ़ करोड़ की बन गई है कंपनी
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
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