Women Success Story: कहते हैं कि हौसले बुलंद हों तो बंजर जमीन भी सोना उगलने लगती है. समस्तीपुर के शिवाजीनगर की ज्योत्सना सिंह ने इस बात को सच कर दिखाया है. जिस जमीन पर सालों भर जलजमाव रहता था और खेती नामुमकिन थी, आज उसी 20 एकड़ की ‘पानी वाली जमीन’ से ज्योत्सना सालाना ₹15 लाख का मुनाफा कमा रही हैं. उनकी इस उपलब्धि की गूंज दिल्ली तक सुनाई दी. जहां 26 जनवरी को उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया. ज्योत्सना ने 2018 में मछली पालन और हैचरी की शुरुआत की थी. उन्होंने सरकारी अनुदान (60% तक) का लाभ उठाकर बायोफ़्लॉक प्लांट और मछली जेवरा उत्पादन प्लांट स्थापित किया. आज उनके पास रेहू, कतला और कॉमन कार्प जैसी प्रजातियों का विशाल भंडार है. उनके पति संतोष कमल (शिक्षक) ने भी इस सफर में कंधे से कंधा मिलाकर उनका साथ दिया. ज्योत्सना और उनके पति के अनुसार, मछली पालन के लिए 6 फीट गहरा तालाब और समय पर पानी का प्रबंधन जरूरी है. आज ज्योत्सना न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि बिहार की अन्य महिलाओं के लिए सशक्तिकरण की एक नई पहचान बन चुकी हैं.
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