कल्पना करें कि आप किसी से आधे घंटे बात कर लें और फिर पता चले कि सामने इंसान था ही नहीं। अमेरिका के कस्टमर्स बैंक के साथ यही हुआ। सीईओ सैम सिद्धू की तिमाही नतीजों की कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषक पूरे आत्मविश्वास के साथ “उनसे’ बात करते रहे। 30 मिनट तक कॉल चलती रही। बाद में सिद्धू ने खुद खुलासा किया कि वे बोल ही नहीं रहे थे। उनकी जगह था उनका एआई क्लोन बोल रहा था। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक सिद्धू ने कहा, “आज आप लोगों ने मेरी ओर से जो बातें सुनीं, वो मैंने नहीं, मेरे एआई क्लोन ने कही थीं।’ कस्टमर्स बैंक का मुख्यालय पेन्सिलवेनिया के फोनिक्सविले में है। इस बैंक ने ओपनएआई के साथ बैंकिंग ऑपरेशन को ऑटोमेटेड करने के लिए कई वर्षों का करार किया है। सिद्धू के मुताबिक यह किसी लिस्टेड कंपनी की अर्निंग्स कॉल में पहली बार हुआ। यह घटना दरअसल एक बड़े बदलाव की एक झलक है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का एआई अवतार बनाया जा रहा है। उनकी बोलने की शैली, हाव-भाव और सार्वजनिक बयानों को सीख रहा है, ताकि कर्मचारी फाउंडर से जुड़ाव महसूस करते रहें। जुकरबर्ग एक अलग एआई एजेंट भी बना रहे हैं, जो उनके काम में मदद करेगा। ऐसे प्रयोग बढ़ रहे हैं। सीईओ से लेकर आम इंसान तक, एआई क्लोन की दुनिया तेजी से फैल रही है। मसलन, चीन में जहां लोग दिवंगत परिजन के एआई रेप्लिका खरीद रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ठग इसी तकनीक से आवाज की नकल करके लोगों को लूट रहे हैं। दरअसल एआई क्लोन अब महज तकनीकी प्रयोग नहीं रहे। ये कॉरपोरेट रणनीति, व्यक्तिगत भावनाएं और आपराधिक हथकंडे, तीनों का हिस्सा बन चुके हैं। सवाल यह है कि इस “डिजिटल हमशक्ल’ की दुनिया में असली और नकली की पहचान कैसे होगी? ये तो समय ही बताएगा। भारत में भी एआई क्लोनिंग प्रोजेक्ट पर हो रहे काम, आवाज की नकल से ठगी शुरू भारत में भी एआई क्लोनिंग शुरू हो चुकी है। बेंगलुरु की स्टार्टअप जीनैनी डॉट एआई 12 भारतीय भाषाओं में आवाज का क्लोन तैयार करने की तकनीक विकसित कर रहा है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। एआई क्लोन जितने उपयोगी हैं, उतने ही खतरनाक भी। ठग अब एआई से नकली आवाज बनाकर रिश्तेदारों की नकल उतार रहे हैं और लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं। मध्य प्रदेश में एक शिक्षिका को 1 लाख रुपए का चूना लगा। जालसाज ने एआई से उनके कजिन की आवाज, लहजा और भावनात्मक अंदाज की इतनी सफाई से नकल की कि वो ठगी का शिकार हो गईं। चीन में तो “घोस्ट बॉट्स’ का ट्रेंड शुरू हो गया है, जहां लोग दिवंगत प्रियजन के एआई रेप्लिका खरीद रहे हैं।
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