रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले ही कह चुके हैं कि यह ट्रेन विश्व की टॉप सुविधाओं वाली ट्रेनों में से एक है. यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए एक एक चीज पर कई रिसर्च किए गए हैं, जिसके बाद ट्रेन तैयार की गयी है. इसका अंदाजा भी आप इसी बात से लगा सकते हैं कि ट्रेन के 180 किमी. की स्पीड में दौड़ने के समय तीन पानी भरे ग्लास के ऊपर चौथा ग्लास रखा गया और एक बूंद पानी नहीं छलका. यह बताता है कि स्पीड में ट्रेन में एक भी झटका नहीं लगता है. यह स्वयं रेल मंत्री ट्वीट किया था.
72 कंपनियों में प्रमुख कौन
वंदेभारत को पार्ट्स सप्लाई करने वाली 72 वेंडरों प्रमुख कंपनियों में मेधा,टाटा ( सब्सिडिरी कंपनी), अमित इंजीनियरिंग, नॉर ब्रेम्से एंड फेवले जैसे वेंडर शामिल हैं. ये सारे वेंडर ग्लोबल स्टैंडर्ड वाले पार्ट्स ट्रेन को सप्लाई कर रहे हैं.
आपकी कार जैसी सीट का हो सकता है अनुभव.
कौन सी कंपनी क्या पार्ट्स दे रही है
चूंकि इस ट्रेन में अलग से इंजन नहीं होता है, इसलिए कोच में पॉवर कार होती है, पर ट्रेन चलाने के लिए जो पार्ट्स की जरूरत होती है, उन्हें मेधा सप्लाई कर रही है. इसमें ट्रांसफार्मर, कोच के नीचे लगने वाला मोटर और ट्रेन को चलाने के लिए बिजली सप्लाई करने वाला पेंटो शामिल है. इस तरह माना जा सकता है कि इंजन यही कंपनी सप्लाई कर रही है.
सीट कौन दे रहा है
इस ट्रेन में जब आप सफर करेंगे तो हो सकता है कि उसकी सीट आपको अपनी कार जैसा अनुभव कराएं, क्योंकि टाटा की सब्सिडिरी कंपनी ही इस ट्रेन को सीट सप्लाई करने का काम कर रही है, जिससे आपका सफर आरामदायक होगा.
ठंडा-ठंडा, कूल कूल कौन कर रहा है
इस ट्रेन को ठंडा रखने के लिए एसी सप्लाई अमित इंजीनियरिंग कर रहा है. इसके एसी ऐसे डिजाइन किए गए हैं, कि आपको किसी तरह की सफोकेशन न हो. कई बार फ्लाइट में यात्रियों को इस तरह की समस्याएं आयी हैं, इसे देखते हुए एसी डिजाइन किए गए हैं.

ट्रेन का एसी की डिजाइन खास, नहीं होगा सफोकेशन.
ब्रेक कौन सप्लाई कर रहा है
नॉर ब्रेम्से एंड फेवले जैसी नामी कंपनी ब्रेक की सप्लाई कर रही है, जिससे स्पीड में ट्रेन रोकना पड़े तो रुके जाए और यात्रियों को कम से कम झटकों का अहसास हो.
किराया थोड़ा पर सुविधा बहुत ज्यादा
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी–हावड़ा रूट पर हरी झंडी दिखाएंगे. इस ट्रेन में आरएसी और वेटिंग लिस्ट की सुविधा नहीं होगी. केवल कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे. किराया राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा होगा, लेकिन बदले में यात्रा समय करीब तीन घंटे कम हो जाएगा.
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