लग्जरी वॉचमेकर जैकब एंड कंपनी ने 21 जनवरी को अपनी नई वॉच ‘ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो’ लॉन्च की है। यह घड़ी गुजरात में अनंत अंबानी के वाइल्डलाइफ रेस्क्यू और कंजर्वेशन प्रोजेक्ट वनतारा को ट्रिब्यूट है। घड़ी के डायल पर अनंत अंबानी की छोटी मिनिएचर लगी है, जिसके साथ शेर और बंगाल टाइगर की सूक्ष्म आकृतियां लगाई गई हैं। घड़ी में ग्रीन कैमो मोटिफ के साथ 21.98 कैरेट के 397 कीमती स्टोन्स लगे हैं। घड़ी की कीमत लगभग 1.5 मिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपए में करीब 12.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। घड़ी के अंदर बना है ‘छोटा वनतारा’ इस घड़ी की सबसे बड़ी खासियत इसका डायल है, जो किसी थिएटर की तरह नजर आता है। इसमें हाथ से बनाई गई सूक्ष्म आकृतियां लगाई गई हैं। इसमें अनंत अंबानी नीली फ्लोरल शर्ट पहने बैठे हैं। उनके बगल में एक शेर और एक बंगाल टाइगर की सजीव दिखने वाली छोटी मूर्तियां हैं, जो वनतारा के इकोसिस्टम को दिखाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें सोने से उकेरा गया एक हाथी और ‘Vantara’ नाम भी शामिल है। घड़ी को हरे और सफेद हीरों से सजाया गया घड़ी को ‘जंगल’ का लुक देने के लिए इसमें ग्रीन कैमलाज मोटिफ का इस्तेमाल किया गया है। इस घड़ी को सजाने के लिए कुल 397 रत्नों का उपयोग किया गया है, जिनका कुल वजन 21.98 कैरेट है। इसमें हरे रंग की चमक के लिए डिमेंटोइड गार्नेट, सावोराइट्स और हरे नीलम के साथ-साथ सफेद हीरों का इस्तेमाल किया गया है। म्यूजिकल और रोटेटिंग मशीनरी भी शामिल यह घड़ी जैकब एंड कंपनी के मशहूर ‘ओपेरा’ कलेक्शन का हिस्सा है। इसमें एक म्यूजिक बॉक्स मैकेनिज्म है, जो बटन दबाते ही धुन बजाता है। जब म्यूजिक बजता है, तो घड़ी का पूरा डायल (पायलट, शेर और बाघ की आकृतियों के साथ) घूमने लगता है। यह तकनीक घड़ी निर्माण की दुनिया में बहुत ही जटिल मानी जाती है। ‘वनतारा’ क्या है? जिस प्रोजेक्ट से प्रेरित होकर यह घड़ी बनी है, वह जामनगर (गुजरात) में रिलायंस के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के भीतर फैला 3,500 एकड़ का एक विशाल वन्यजीव पुनर्वास केंद्र है। इसे मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनॉगरेट किया था। यहां 1.5 लाख से ज्यादा जानवर रहते हैं। यहां हाथियों के लिए विशेष अस्पताल और MRI, CT स्कैन जैसी आधुनिक सुविधाओं वाला 1 लाख वर्ग फुट का वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल भी है।
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