दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान सीआईआई (CII) के प्रेसिडेंट राजीव मेमानी ने कहा कि टैक्स के मोर्चे पर सरकार पहले ही काफी कुछ कर चुकी है, इसलिए बजट 2026 में टैक्स स्लैब में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. उन्होंने सरकार को मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, विनिवेश (Disinvestment) में बोल्ड कदम उठाने और आयात कम करने की रणनीति पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है.
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे टैक्स को लेकर व्यक्तिगत राय पूछी गई, तो उन्होंने साफ कहा, “टैक्स के नजरिए से सरकार काफी काम कर चुकी है. मुझे नहीं लगता कि हमें अब इससे ज्यादा या किसी बड़े बदलाव की उम्मीद करनी चाहिए.” हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार ‘एक्सीलेरेटेड डेप्रिसिएशन’ (Accelerated Depreciation) जैसे लाभ देती है, तो इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को और मजबूती मिलेगी.
मैन्युफैक्चरिंग को ‘वैल्यू एडिशन’ की जरूरत
मेमानी ने इस बात पर जोर दिया कि बजट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग में ‘वैल्यू एडिशन’ को बढ़ावा देना होना चाहिए. उन्होंने कहा, “हमें यह देखना होगा कि भारत जिन टॉप 50 वस्तुओं का आयात (करीब 550 बिलियन डॉलर) करता है, क्या हम अगले 12 से 36 महीनों में उसमें से 300-350 बिलियन डॉलर के आयात को स्वदेशी विकल्पों से बदल सकते हैं?” उन्होंने इसके लिए टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और राज्य स्तर पर इंसेंटिव देने की वकालत की.
विनिवेश के लिए ‘बोल्ड’ कदम की मांग
सीआईआई प्रेसिडेंट ने सरकार को विनिवेश (Disinvestment) के मोर्चे पर साहसी कदम उठाने की सलाह दी. उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को 75,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखना चाहिए. मेमानी के अनुसार, टैक्स रेवेन्यू उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहा है, इसलिए सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर (Capex) और हेल्थ-एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए इस पूंजी की सख्त जरूरत है. उन्होंने भारत के लिए एक ‘सॉवरेन वेल्थ फंड’ बनाने का विचार भी रखा ताकि देश को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके.
About the Author

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.