भारत कोकिंग कोल (BCCL) की शेयर बाजार में आज यानी सोमवार (19 जनवरी) को लिस्टिंग होगी। इसके IPO को तीन दिन में टोटल 143.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। वहीं रिटेल कैटेगरी में इसे 49.37 गुना सब्सक्राइब किया गया था। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के हिसाब से इसकी लिस्टिंग 59% प्रीमियम के साथ हो सकती है। BCCL का आईपीओ 9 जनवरी से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल था। ये नए साल का पहला बड़ा पब्लिक ऑफर है। ये कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी है। ये कंपनी स्टील सेक्टर के लिए जरूरी ‘कोकिंग कोल’ बनाती है। पहले इसकी लिस्टिंग 16 जनवरी को होनी थी, जिसे टाल दिया गया। BCCL का IPO प्राइस ₹23 प्रति शेयर था यह पूरा आईपीओ ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) था, यानी इसके जरिए मिलने वाला पैसा सीधे प्रमोटर कंपनी कोल इंडिया के पास जाएगा। कंपनी ने इसका प्राइस बैंड ₹21 से ₹23 प्रति शेयर तय किया था। निवेशक कम से कम 600 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगा सकते थे, जिसके लिए ऊपरी स्तर पर ₹13,800 निवेश करने थे। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 13 जनवरी तक खुला रहा था। सरकारी कंपनी होने के बावजूद भी कुछ रिस्क ग्रे मार्केट में 59% प्रीमियम, बड़े मुनाफे की उम्मीद मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अनऑफिशियल मार्केट (ग्रे मार्केट) में शेयर ₹13.5 के प्रीमियम पर चल रहा है। अगर यह ट्रेंड बना रहता है, तो निवेशकों को लिस्टिंग पर करीब 59% का मुनाफा हो सकता है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि GMP केवल बाजार की धारणा बताता है और यह ग्लोबल मार्केट की स्थितियों के हिसाब से बदल भी सकता है। लिस्टिंग के बाद इस कंपनी में कोल इंडिया की हिस्सेदारी घटकर 90% रह जाएगी। कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा, कर्ज मुक्त है बैलेंस शीट फाइनेंशियल मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹13,803 करोड़ और मुनाफा ₹1,564 करोड़ रहा। कंपनी की सबसे बड़ी मजबूती यह है कि यह पूरी तरह कर्ज मुक्त (Debt-Free) है और इसके पास भारी कैश फ्लो है। देश का 58% कोकिंग कोल अकेले बनाती है BCCL वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, BCCL की घरेलू उत्पादन में हिस्सेदारी 58.50% है। 1 अप्रैल 2024 तक कंपनी के पास करीब 7,910 मिलियन टन कोयले का भंडार था। कंपनी मुख्य रूप से स्टील और पावर सेक्टर के लिए कोयला तैयार करती है। कंपनी ने 2021 से ‘हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी’ (HEMM) का इस्तेमाल बढ़ाकर अपनी क्षमता में इजाफा किया है। वर्तमान में कंपनी 34 खदानों का संचालन कर रही है। कंपनी झरिया और रानीगंज कोलफील्ड के कुल 288.31 वर्ग किलोमीटर के लीज एरिया में फैली हुई है। क्या होता है कोकिंग कोल और क्यों है इसकी डिमांड? आम कोयले का इस्तेमाल ज्यादातर बिजली बनाने में होता है, लेकिन कोकिंग कोल का इस्तेमाल स्टील बनाने की भट्ठियों में किया जाता है। भारत अपनी जरूरत का काफी कोकिंग कोल आयात करता है, ऐसे में BCCL जैसी घरेलू कंपनी की भूमिका बहुत अहम हो जाती है।
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