शेयर बाजार के लिए यह हफ्ता साल का सबसे महत्वपूर्ण सप्ताह साबित होने वाला है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी, जिस पर पूरे देश की नजर है। बजट के अलावा इस हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व (FOMC) की ब्याज दरों पर मीटिंग, दिग्गज कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे और जनवरी महीने के ऑटो सेल्स के आंकड़े भी जारी होंगे। पिछले हफ्ते भारतीय बाजार में भारी गिरावट रही थी, जिसमें सेंसेक्स 2,033 अंक और निफ्टी 646 अंक तक टूट गया था। ऐसे में निवेशकों की नजर इन बड़े फैक्टर्स पर रहेगी जो बाजार की अगली दिशा तय करेंगे… 1. केंद्रीय बजट: रविवार को भी बाजार खुलेगा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। इस बार बजट से मिडिल क्लास को टैक्स में राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ने की उम्मीद है। खास बात यह है कि बजट रविवार को होने के कारण NSE और BSE ने इस दिन स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रखने का फैसला किया है। 2. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला 27 और 28 जनवरी को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मीटिंग बैठक होगी। बाजार को उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन भविष्य के लिए क्या संकेत मिलते हैं। इस पर निवेशकों की नजर रहेगी। अगर फेड चेयरमैन भविष्य में दरें घटाने का इशारा करते हैं, तो यह भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक होगा। 3. ऑटो कंपनियों की बिक्री के आंकड़े 1 फरवरी को ही देश की बड़ी ऑटो कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी जनवरी महीने की सेल्स रिपोर्ट जारी करेंगी। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के आंकड़े ऑटो सेक्टर के शेयरों की चाल तय करेंगे। 4. कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे इस हफ्ते करीब 500 से ज्यादा कंपनियां अपने तिमाही नतीजे पेश करेंगी। इनमें एलएंडटी (LT), मारुति सुजुकी, सन फार्मा, टाटा मोटर्स, टाइटन और अडाणी पोर्ट्स जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। कंपनियों का मुनाफा और मैनेजमेंट की कमेंट्री बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित करेगी। 5. विदेशी निवेशकों की बिकवाली जनवरी के महीने में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने भारतीय बाजार से भारी निकासी की है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती और चीन के बाजार में सुधार की वजह से विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकाल रहे हैं। अगर बजट में निवेशकों के अनुकूल घोषणाएं होती हैं, तो यह बिकवाली रुक सकती है। 6. क्रूड ऑयल की कीमतें और रुपया ब्रेंट क्रूड की कीमतें फिलहाल 80 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव और लाल सागर के संकट की वजह से कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव जारी है। वहीं, भारतीय रुपया पिछले हफ्ते 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिर गया था। इसकी चाल का सीधा असर पेट्रोलियम कंपनियों के शेयरों पर पड़ेगा। 7. मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस PMI डेटा हफ्ते के अंत में भारत के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के पीएमआई (PMI) आंकड़े आएंगे। यह डेटा बताएगा कि देश की अर्थव्यवस्था किस रफ्तार से बढ़ रही है। पिछले कुछ महीनों से ये आंकड़े काफी मजबूत रहे हैं, जो भारतीय इकोनॉमी के लिए अच्छे संकेत हैं। शुक्रवार को बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले शेयर मार्केट में शुक्रवार यानी 23 जनवरी को गिरावट रही थी। सेंसेक्स 770 अंक की गिरावट के साथ 81,538 पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी करीब 241 अंक की गिरावट रही, ये 25,048 पर बंद हुआ था।
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