जानकारी मिली है कि नेशनल हाई-स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड की टीम ने हाल ही में यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर एयरपोर्ट के पास बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की है. अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर में बुलेट ट्रेन का भूमिगत स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. इसी जगह पर पहले से मेट्रो और नमो भारत रैपिड रेल का भी अंडर ग्राउंड स्टेशन प्रस्तावित है, जिससे यात्रियों को एक ही जगह से कई परिवहन विकल्प मिल सकेंगे.
नोएडा और जेवर में बन सकते हैं दो स्टेशन
योजना के अनुसार गौतमबुद्ध नगर जिले में बुलेट ट्रेन के दो स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है. पहला स्टेशन नोएडा के सेक्टर-148 में होगा, जो ग्रेटर नोएडा के भी काफी करीब रहेगा. दूसरा स्टेशन जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनाए जाने की योजना है. इससे एयरपोर्ट और हाईस्पीड रेल नेटवर्क के बीच सीधा कनेक्शन बन जाएगा.
20 मिनट में दिल्ली से एयरपोर्ट
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक करीब 70 किलोमीटर की दूरी बुलेट ट्रेन से लगभग 20 मिनट में तय की जा सकेगी, जो यात्रियों के लिए एक बड़ी सहूलियत होगी. प्रस्तावित एलाइनमेंट के तहत इसका बड़ा हिस्सा एलिवेटेड रहेगा और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के सेंट्रल वर्ज से होते हुए यमुना एक्सप्रेसवे तक जाएगा. इससे नोएडा एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन सकता है जो सीधे हाईस्पीड रेल नेटवर्क से जुड़ा होगा.
इस सेक्टर को मिल सकता है सबसे बड़ा बूस्ट
एयरपोर्ट और बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा फायदा रियल एस्टेट सेक्टर को मिल सकता है. विशेषज्ञों की मानें तो जेवर एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, नमो भारत और अब बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाएं मिलकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा को एक बड़े आर्थिक और आवासीय केंद्र के रूप में विकसित कर सकती हैं. पहले से ही लोगों की पसंद में शामिल इन शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां आवासीय, कमर्शियल, होटल और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ने की संभावना पैदा हो गई है.
क्या कहते है नोएडा ग्रेटर नोएडा के डेवलपर्स
मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी की मानें तो कनेक्टिविटी में सुधार होने से एंड-यूजर्स और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा. जब लोग कम समय में बड़े शहरों तक पहुंच सकते हैं तो वे बेहतर प्लानिंग वाले इलाकों में घर खरीदने को प्राथमिकता देंगे ही. नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण यह क्षेत्र तेजी से उभरता हुआ रियल एस्टेट हब बनने जा रहा है.
एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा कहते हैं कि पिछले कुछ साल में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आवासीय परियोजनाओं की मांग लगातार बढ़ी है. बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट के साथ अब बुलेट ट्रेन जैसी परियोजना इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाएगी, जिससे यहां रहने और निवेश करने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है.
सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का भी इन दोनों डेवलपर्स की बात को आगे बढ़ाते हुए कहते हैं कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट किसी भी शहर की रियल एस्टेट ग्रोथ को नई दिशा देते हैं और यह ग्रोथ अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर इलाके को मिलने जा रही है.
अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर पूरे क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है. बुलेट ट्रेन के जरिए एयरपोर्ट का सीधे दिल्ली और अन्य बड़े शहरों से जुड़ना पूरे क्षेत्र में रियल एस्टेट विकास को नई गति देगा.
देश में बनेंगे 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर
बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई है, जिनमें करीब 813 किलोमीटर लंबा दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर प्रमुख है. इस कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से बनारस की दूरी चार घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी. प्रस्तावित रूट में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज और भदोही जैसे शहरों को जोड़ने की योजना है, जबकि अयोध्या को लिंक के जरिए इससे जोड़ा जाएगा.
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