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- Despite GST Cuts And Festivals, White Goods Profits Fell 35%; Companies Are Now Relying On Summer To Boost Profits.
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फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे वाइट गुड्स की मांग ठंडी, वायर-केबल में उछाल।
भारतीय कंपनियों के दिसंबर तिमाही के नतीजों में त्योहारी सीजन की मजबूती दिखी, लेकिन यह कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रही। नतीजों ने यह भी संकेत दिया है कि मार्जिन के दम पर मुनाफे की ग्रोथ का दौर जल्द खत्म हो सकता है। 3,905 कंपनियों के विश्लेषण से पता चला कि तीसरी तिमाही में कुल आय सालाना आधार पर 10% बढ़ी, जो पिछली सात तिमाहियों में सबसे तेज गति है।
हालांकि, मुनाफे की वृद्धि दर पांच तिमाहियों में सबसे धीमी (11%) रही। यह अंतर तब आया जब बिक्री छह तिमाहियों में सबसे तेज बढ़ी। जीएसटी दरों में कटौती, त्योहारी मांग और आयकर में पिछली रियायतों के कारण उपभोक्ताओं ने खास तौर पर गाड़ियों और टीवी-वॉशिंग मशीन जैसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स पर खर्च किया। लेकिन गहराई में उतरने पर नतीजे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के लिए अलग-अलग कहानियां बयां कर रहे हैं। कोटक सिक्युरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, जहां वायर और केबल कंपनियों ने कमोडिटी की तेजी का फायदा उठाकर जबरदस्त ग्रोथ दिखाई।
वहीं एसी, वॉशिंग मशीन जैसे व्हाइट गुड्स और इलेक्ट्रिकल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट में मांग सुस्ती बनी हुई है। यह सेगमेंट कच्चे माल की महंगाई से भी जूझ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों और विश्लेषकों के लिए अब सबसे बड़ा ‘ट्रिगर’ गर्मी का आगामी सीजन है। यदि पारा चढ़ता है और कीमतें स्थिर रहती हैं, तो वाइट गुड्स में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
वायर-केबल- आय 37%, मुनाफा 39% बढ़ा,अब मांग पर संदेह
तीसरी तिमाही में वायर एंड केबल सेगमेंट ‘शो-स्टॉपर’ रहा। इस सेगमेंट की आय में 37% और एबिटा (कामकाजी मुनाफा) में सालाना 39% बढ़ोतरी हुई। अब असली परीक्षा ये होगी कि क्या बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद मांग बनी रहती है।
ग्रोथ की वजह
कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में उछाल के साथ-साथ रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। कीमतें बढ़ने की आशंका के चलते डीलरों द्वारा की गई भारी ‘चैनल स्टॉकिंग’ (स्टोरेज) ने भी बिक्री को सहारा दिया।
टॉप परफॉर्मर्स
पॉलीकैब (46% वृद्धि) और आरआर केबल (42% वृद्धि) आय के मामले में सबसे आगे रहे। खास तौर पर आरआर केबल के मुनाफे में 90% से अधिक का उछाल ऑपरेटिंग लीवरेज का बेहतरीन उदाहरण है।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेगमेंट- कमाई 2.5% बढ़ी, पर मुनाफा 8.2% घटा
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कैटेगरी में आय 2.5% बढ़ी, लेकिन मुनाफे में 8.2% कमी आई। वॉटर हीटर की बिक्री बढ़ी, पर कूलर और पंखों की बिक्री कम रही। इस सेगमेंट के लिए आगामी 3-4 महीने और मौसम का मिजाज सबसे निर्णायक होगा।
वाइट गुड्स – लाभ 35% तक घटा
एसी, फ्रिज जैसे वाइट गुड्स सेगमेंट में जीएसटी दरें घटने के बावजूद बिक्री उम्मीद से कम बढ़ी। इस सेगमेंट का मुनाफा 35% तक घट गया है। कच्चा माल महंगा होने से कंपनियों को दाम 10% तक बढ़ाने पड़े। यह मांग प्रभावित कर सकता है।
गर्मियों के सीजन पर दारोमदार कंपनियों से डीलरों को प्राइमरी बिक्री ठीक है। लेकिन सेकंडरी बिक्री (दुकान से ग्राहक को) कमजोर है। इस बीच कीमतों में 10% की नई बढ़ोतरी ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ सकती है।
लीडर्स – आय 46% तक बढ़ी ये वो कंपनियां हैं, जिन्होंने आय वृद्धि के मामले में सबसे शानदार प्रदर्शन किया है।39% बढ़ा, अब मांग पर संदेह कंपनी सालाना आय वृद्धि पॉलीकैब 46.1% आरआर केबल 42.3% फिनोलेक्स केबल्स 35.2% केईआई इंडस्ट्रीज 19.5% अपार इंडस्ट्रीज 16.2%
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