भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्रोकर्स और प्रोपाइटरी ट्रेडर्स के लिए जारी नए फंडिंग नियमों पर सख्त रुख दिखाया है. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा है कि इन नियमों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. नए प्रावधान 1 अप्रैल से लागू होंगे, जिससे ब्रोकरेज कंपनियों में चिंता बढ़ी है. साथ ही आरबीआई ने महंगाई लक्ष्य को लेकर सरकार को अपनी सिफारिशें भी सौंप दी हैं.
बैंक गारंटी नियमों में बदलाव पर नहीं होगा पुनर्विचार, गवर्नर ने किया साफ. (Image:AI)
ब्रोकर्स के लिए सख्त नियमों पर अडिग आरबीआई
इस महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने बैंक गारंटी के लिए कोलैटरल की सीमा को बढ़ा दिया था. साथ ही बैंकों को ब्रोकर्स की प्रोपाइटरी ट्रेडिंग के लिए कर्ज देने पर रोक लगा दी गई. ये नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे. इन फैसलों का मकसद वित्तीय व्यवस्था में जोखिम को कम करना बताया गया है. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बोर्ड बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इन नियमों को व्यापक चर्चा और सलाह-मशविरा के बाद अंतिम रूप दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘हम किसी बदलाव पर विचार नहीं कर रहे हैं.’
शेयर बाजार में दबाव, ब्रोकरेज शेयरों में गिरावट
नए नियमों की घोषणा के बाद पिछले हफ्ते कई ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई. निवेशकों को आशंका है कि सख्त कोलैटरल शर्तों से ब्रोकर्स का मुनाफा घट सकता है और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है. बताया जा रहा है कि ब्रोकर्स ने बाजार नियामक को पत्र लिखकर नियमों की समीक्षा की मांग की है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बैंकों से मिलने वाली फंडिंग सीमित होती है तो छोटे और मध्यम ब्रोकर्स को ज्यादा दबाव झेलना पड़ सकता है. हालांकि आरबीआई का कहना है कि वित्तीय स्थिरता उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है.
महंगाई लक्ष्य पर सरकार को सिफारिशें भेजीं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर मल्होत्रा ने यह भी बताया कि महंगाई लक्ष्य निर्धारण ढांचे को लेकर केंद्रीय बैंक ने अपनी सिफारिशें सरकार को भेज दी हैं. हालांकि उन्होंने इन सिफारिशों का ब्योरा साझा नहीं किया. भारत में खुदरा महंगाई का लक्ष्य 4 फीसदी तय है, जिसमें 2 फीसदी से 6 फीसदी का दायरा रखा गया है. इस लक्ष्य की समीक्षा मार्च के अंत तक होनी है. हाल ही में खुदरा महंगाई के आंकड़ों में बदलाव करते हुए कंज्यूमर बास्केट में खाद्य पदार्थों का हिस्सा घटाया गया है. गवर्नर ने कहा कि इन बदलावों से महंगाई लक्ष्य के बारे में केंद्रीय बैंक के नजरिए पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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