अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम यानी IEEPA के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को खारिज कर दिया. हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पहले से वसूली गई रकम का क्या होगा. उसने मामले को आगे की कार्रवाई तय करने के लिए निचली व्यापार अदालत को भेज दिया.
इसी अनिश्चितता के बीच डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस कानून का प्रस्ताव रखा है. इसके मुताबिक, कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) को उन सभी IEEPA-आधारित टैरिफ की रकम लौटानी होगी, जिन्हें गैरकानूनी माना गया है. इसमें वे शुल्क भी शामिल होंगे, जिन्हें पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है. साथ ही, छोटे कारोबारियों को भुगतान में प्राथमिकता देने का प्रावधान भी रखा गया है.
इस विधेयक को समर्थन देने वालों में सीनेट अल्पसंख्यक नेता चक शूमर (Chuck Schumer) और ओरेगन के सीनेटर रॉन वायडन (Ron Wyden), मैसाचुसेट्स के एडवर्ड मार्की (Edward Markey) और न्यू हैम्पशायर की जीन शाहीन (Jeanne Shaheen) शामिल हैं. ये सभी सीनेट की फाइनेंस, स्मॉल बिजनेस और विदेश संबंध समितियों में टॉप डेमोक्रेटिक मैंबर हैं.
रॉन वायडन ने कहा कि डेमोक्रेटिक सांसद ट्रंप की महंगाई बढ़ाने वाली व्यापार और आर्थिक नीतियों पर अंकुश लगाने की कोशिश जारी रखेंगे. उनके अनुसार, सबसे जरूरी कदम यह है कि छोटे व्यवसायों और मैन्युफैक्चर्स की जेब में जल्द से जल्द पैसा वापस पहुंचाया जाए.
175 अरब डॉलर पर लटका फैसला
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद करीब 175 अरब डॉलर की IEEPA-आधारित टैरिफ वसूली संभावित रूप से रिफंड के दायरे में आ सकती है. पेन-व्हार्टन बजट मॉडल के अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि ये टैरिफ प्रतिदिन 50 करोड़ डॉलर से अधिक की सकल आय पैदा कर रहे थे.
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने रविवार को कहा कि प्रशासन निचली अदालतों के फैसले का पालन करेगा. उन्होंने संकेत दिया कि अंतिम निर्णय आने में कई हफ्ते या महीनों का समय लग सकता है. इधर, कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन को मंगलवार तड़के 12:01 बजे (ईएसटी) से IEEPA टैरिफ की वसूली रोकने का निर्देश दिया गया है.
ट्रंप के खेमे में चुप्पी
डेमोक्रेट्स की इस पहल पर रिपब्लिकन नेतृत्व फिलहाल खुलकर सामने नहीं आया है. सीनेट के बहुमत नेता जॉन थ्यून (John Thune) के ऑफिस ने इस बिल पर कोई टिप्पणी नहीं की है. चूंकि विधेयक अभी पेश ही हुआ है और इसे समिति की समीक्षा से गुजरना होगा, इसलिए इस पर तत्काल फैसला होने की संभावना कम है.
वहीं, प्रतिनिधि सभा (U.S. House of Representatives) के स्पीकर माइक जॉनसन (Mike Johnson) ने संकेत दिया कि रिपब्लिकन-नियंत्रित सदन इस मुद्दे से दूरी बनाए रखेगा. उनका कहना है कि यह असाधारण स्थिति है और व्हाइट हाउस को इसे सुलझाने के लिए समय और स्वतंत्रता दी जानी चाहिए. व्हाइट हाउस (White House) की ओर से इस प्रस्ताव पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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