आईटी शेयरों में आज लगातार पांचवें सत्र में गिरावट का दौर जारी है. शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.33% तक टूट गया. एंथ्रोपिक द्वारा अपने नए टूल क्लॉड कोड को लेकर किए गए बड़े-बड़े दावों ने इंफोसिस, टीसीएस और विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों को धड़ाम कर दिया.
निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में ही 3.33% तक टूट गया.
मंगलवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, आईटी इंडेक्स में चीख-पुकार मच गई. निफ्टी आईटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में ही 3.33% तक टूट गया. यह लगातार पांचवां सत्र था जब आईटी शेयरों में बिकवाली जारी है. निवेशकों की धारणा पर एआई से होने वाले ‘व्यवधान’ का डर इस कदर हावी था कि हर कोई बस बिकवाली के बटन पर उंगली रखे बैठा था. देखते ही देखते बाजार से निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा हो गए.
कौन-कौन हुआ ‘लहूलुहान’?
आईटी सेक्टर में मचे इस घमासान से कोई नहीं बच सका है. निफ्टी 50 के टॉप लूजर्स में आईटी शेयरों का ही कब्जा रहा. एचसीएल शेयर 3.9% गिरकर 1,370 रुपये पर आ गया.
इन्फोसिस 3.5% की भारी गिरावट के साथ 1,281.5 रुपये पर पहुंच गया. टीसीएस का शेयर 3.1% फिसल गया. विप्रो शेयर 2.7% फीसदी लुढक गया. टेक महिंद्रा शेयर 2.8% ढह गया.
जेफरीज की चेतावनी-खतरा अभी टला नहीं है
दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने चेतावनी दी है कि एआई अब केवल चर्चा का विषय नहीं रहा, बल्कि यह आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल को जड़ से बदल देगा. ब्रोकरेज ने कई बड़े शेयरों की रेटिंग घटाकर उन्हें ‘होल्ड’ या ‘अंडरपरफॉर्म’ की कैटेगरी में डाल दिया है.
जेफरीज ने इंफोसिस और एचसीएल टेक के टारगेट प्राइस में 26% से 31% तक की भारी कटौती कर दी है. ब्रोकरेज का मानना है कि एआई की वजह से अब ‘मैनेज्ड सर्विसेज’ का दायरा सिमट जाएगा और कंपनियों को अपने टैलेंट मॉडल को बदलने में बड़े जोखिम उठाने होंगे.
क्या वाकई खत्म हो जाएगा भारतीय आईटी का एकाधिकार?
हालांकि, इस अंधेरे के बीच सीएलएसए (CLSA) ने थोड़ी राहत की बात कही है. सीएलएसए का मानना है कि एआई को लेकर डर जरूरत से ज्यादा है. उनके मुताबिक, एआई फिलहाल इंसानों की जगह लेने के बजाय उनकी उत्पादकता बढ़ाने का काम करेगा. लेकिन बाजार फिलहाल किसी भी तर्क को सुनने के मूड में नहीं है. निवेशकों के बीच “पहले बेचो, बाद में सवाल पूछो” वाली स्थिति बनी हुई है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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