एनएचएआई ने देश के कई एक्सप्रेसवे पर एआई पॉवर्ड इंटेलीजेंट ट्रैफिक सिस्टम लागू किया है, जो ओवर स्पीड वाले वाहनों का ऑटोमेटिक चालान काटा देता है. लिहाजा एक्सप्रेसवे पर खाली सड़क देखकर एक्सीलेटर दबाने से बचना चाहिए. ये एआई कैमरे सिर्फ ओवरस्पीडिंग ही नहीं, बल्कि सीट बेल्ट न पहनने और ड्राइव करते हुए मोबाइल पर बात करने पर भी चालान काट देते हैं.
एआई पॉवर्ड कैमरों से एक्सप्रेसवे पर चालान काटा जा रहा है.
आईटीएमएस के जरिये ट्रैफिक विभाग 24 घंटे एक्सप्रेसवे की निगरानी करता है. अगर कोई कार ओवरस्पीड होती है तो ऑटोमैटिक उसका चालान काट दिया जाता है. आपको यह तो पता ही होगा कि हर एक्सप्रेसवे की अपनी स्पीड लिमिट है और उससे ज्यादा गति में वाहन चलाना ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन है. इसी पर निगरानी रखने के लिए ट्रैफिक विभाग ने आईटीएमएस लागू किया है, जो ओवरस्पीड वाले वाहनों का स्वत: चालान काट देता है.
कैसे काम करता है यह सिस्टम
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एआई पॉवर्ड एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है, जिसमें हाई रेजोल्यूशन वाले सीसीटीवी कैमरे एक्सप्रेसवे पर लगाए गए हैं. इन कैमरों में एआई वीडियो एनालिटिक्स और ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन जैसे फीचर भी शामिल हैं. यह कैमरे एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों की स्पीड को कैलकुलेट करते हैं. कई जगहों पर दो प्वाइंट के बीच की औसत दूरी को मापा जाता है. अगर स्पीड लिमिट तय मानक से ज्यादा होती है तो ई-चालान काट दिया जाता है.
ट्रैफिक नहीं सिर्फ स्पीड देखते हैं कैमरे
एआई पॉवर्ड कैमरे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक की डेंसिटी नहीं देखते, बल्कि सिर्फ स्पीड की लिमिट पर ही नजर रखते हैं. अगर खाली सड़क पर तय लिमिट से जरा भी ज्यादा स्पीड हुई तो चालान काट दिया जाएगा. खास बात ये है कि एक्सप्रेसवे पर सिर्फ स्पीड लिमिट का ही चालान नहीं काटा जाता है, बल्कि कुछ जगहों पर एडवांस्ड सिस्टम के जरिये 15 से भी ज्यादा तरह के ट्रैफिक उल्लंघन पर चालान काटा जाता है.
कितने तरह के चालान काटता है कैमरा
- वाहनों की ओवरस्पीडिंग.
- सीटबेल्ट न पहनना.
- हेलमेट न पहनना (दोपहिया पर).
- दोपहिया पर ट्रिपल राइडिंग.
- गलत लेन में ड्राइविंग.
- मोबाइल यूज करते हुए ड्राइविंग.
अभी कितने एक्सप्रेसवे पर लागू है सिस्टम
देश का पहला फुल एआई पॉवर्ड आईटीएमएस द्वारका एक्सप्रेसवे पर लागू किया गया है. 56 किलोमीटर की इस सड़क पर 110 से भी ज्यादा एआई कैमरे लगाए गए हैं, जो एक दिन में 10 हजार से भी ज्यादा ट्रैफिक उल्लंघनों को पकड़ सकते हैं. इसमें ओवरस्पीडिंग के मामले सबसे ज्यादा आते हैं. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी ऐसा ही सिस्टम लगाया गया है, जबकि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भी ऐसा ही सिस्टम लागू किया जा चुका है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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