रेमंड ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया मालदीव में हादसे का शिकार हो गए हैं। मालदीव के फेलिधू के पास उनकी स्पीडबोट पलट गई, जिसमें सिंघानिया को चोटें आई हैं। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया है, जहां एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हादसे के समय बोट पर सिंघानिया के साथ 6 और लोग सवार थे, जिनमें से एक भारतीय समेत दो लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। सिंघानिया के क्लॉथ, रियल एस्टेट सहित कई बिजनेस गौतम सिंघानिया रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 11 हजार करोड़ रुपए है। रेमंड ग्रुप के पास क्लॉथ, डेनिम, कंज्यूमर केयर, इंजीनियरिंग और रियल एस्टेट सहित अन्य बिजनेस हैं। रेडिमेड कपड़ों के बाजार में ग्रुप की दमदार मौजूदगी है। यह डेनिम कैटेगरी में भी लीडिंग मैन्युफैक्चरर है। कंपनी हाई क्वालिटी डेनिम सप्लाई करती है। 1925 में ठाणे से हुई थी रेमंड की शुरुआत
रेमंड भारत का एक बड़ा और भरोसेमंद मेंस वियर ब्रांड है, जिसकी शुरुआत 1925 में ठाणे से हुई थी। आज यह हजारों करोड़ रुपए की कंपनी बन चुकी है। इस कंपनी को आगे बढ़ाने में सिंघानिया परिवार की अहम भूमिका रही है, खासकर गौतम सिंघानिया की। सिंघानिया परिवार ने रेमंड को एक साधारण वूलन मिल से देश-विदेश में फैले बड़े ब्रांड में बदल दिया। पहले यह मिल सेना के लिए वर्दी बनाती थी, लेकिन बाद में इसे आम लोगों तक पहुंचाया गया। विजयपत सिंघानिया के समय कंपनी ने तेजी से तरक्की की और छोटे शहरों तक अपने शोरूम खोले। गौतम सिंघानिया ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए कंपनी को मॉडर्न बनाया। उन्होंने नए फैब्रिक, डिजाइन और टेक्नोलॉजी पर काम किया, जिससे रेमंड की पहचान और मजबूत हुई। आज कंपनी देश के साथ-साथ विदेशों में भी कारोबार कर रही है। पिछले सालों में गौतम सिंघानिया अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा में रहे, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का बिजनेस लगातार आगे बढ़ रहा है। सिंघानिया परिवार की मेहनत और फैसलों ने रेमंड को एक मजबूत और भरोसेमंद ब्रांड बना दिया है।
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