देश में आज यानी 12 फरवरी को ट्रेड यूनियनों ने ‘भारत बंद’ बुलाया है। इस कारण परिवहन और अन्य सेवाओं के साथ बैंकिंग सर्विसेज पर भी असर पड़ सकता है। देश के सबसे बड़े बैंक SBI और यूको बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि वे अपनी शाखाओं में सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। बैंक कर्मचारी 5-डे वर्क वीक की मांग कर रहें कर्मचारी लंबे समय से ‘5-डे वर्क वीक’ लागू करने की मांग कर रहे हैं। यूनियनों का तर्क है कि काम के बढ़ते दबाव के कारण कर्मचारियों का ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ बिगड़ रहा है। फिलहाल बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। कर्मचारी हर शनिवार छुट्टी चाहते हैं। हड़ताल की एक और वजह केंद्र सरकार के 4 नए लेबर कोड हैं। यूनियनों का कहना है कि ये कोड 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेंगे। इससे कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती होगी। इसमें ट्रेड यूनियन रजिस्ट्रेशन की बहुत कठिन शर्तें रखी गई हैं। इन 5 सर्विसेज पर पड़ सकता है असर आजकल ज्यादातर बैंकिंग काम ऑनलाइन या मोबाइल एप के जरिए हो जाते हैं, लेकिन कई सर्विसेज के लिए ग्राहकों को फिजिकल तौर पर ब्रांच जाना पड़ता है। डिजिटल बैंकिंग सर्विसेज चालू रहेंगी बैंकों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट और अकाउंट मॉनिटरिंग जैसे कामों के लिए नेट बैंकिंग और मोबाइल एप का इस्तेमाल करें। ये सेवाएं पूरी तरह से चालू रहेंगी। अगर ब्रांच जाकर ही कोई काम निपटाना है, तो सलाह दी जाती है कि जाने से पहले अपनी लोकल ब्रांच से संपर्क कर लें या बैंक की हेल्पलाइन पर स्टाफ की उपलब्धता कन्फर्म कर लें। नॉलेज बॉक्स: भारत में बैंकों की छुट्टियां कौन तय करता है? बैंकों की छुट्टियां ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881’ के तहत तय की जाती हैं। हर राज्य की छुट्टियां वहां के त्योहारों के हिसाब से अलग हो सकती हैं।
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