केंद्र ने करूर, इचलकरंजी, जयपुर, वाराणसी, लुधियाना, सूरत में छह नए टीईएफसी बनाने का ऐलान किया है. इन छह सेंटर्स से देश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, क्योंकि टेक्सटाइल क्षेत्र मुख्यत: छोटे कारोबारियों की भागीदारी अधिक है.
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए फेडरेशन ऑफ गुजरात विवर्स एसोसिएशन का प्रेसिडेंट अशोक जीरावला ने कहा कि यह कदम काफी अच्छा है. हमारी सरकार से लंबे समय से मांग थी कि हमें एक एक्सपोर्ट सेंटर मिलना चाहिए, जिससे निर्यात के लिए वन विंडो सिस्टम का फायदा सूरत के व्यवसायियों को मिले. सूरत में एक करोड़ मीटर प्रति दिन का कपड़ा बन रहा है, लेकिन चीन के मुकाबले निर्यात में हम काफी पीछे हैं. साथ ही, उन्होंने कहा कि इससे हाल ही में अमेरिका और ईयू के साथ जो ट्रेड डील हुई हैं, उनका फायदा उठाने में मदद मिलेगी.
निर्यात को मिलेगा बढावा
सूरत के अन्य एक्सपोर्ट कारोबारी विकास गुप्ता ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक ऐलान है. इन छह सेंटर्स से देश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, क्योंकि टेक्सटाइल क्षेत्र मुख्यत: छोटे कारोबारियों की भागीदारी अधिक है. इस कारण टीईएफसी के ऐलान का अधिक फायदा एमएसएमई को होगा.
अन्य कपड़ा व्यवसायी संतोष शर्मा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि एक्सपोर्ट सेंटर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे डेटा मिलना आसान हो जाएगा. अलग-अलग देशों में कपड़ों की मांग विभिन्न होती है ऐसे में इसके खुलने से व्यापारी मांग के मुताबिक आसानी से आगे की योजनाएं बना पाएंगे.
एफटीए से होगा खूब फायदा
इसके अतिरिक्त, भारत द्वारा ईयू और अमेरिका की ओर से किए गए एफटीए पर बातचीत करते हुए शेफेक्सिल के चेयरमैन अनूप कुमार अग्रवाल ने कहा कि इन व्यापारिक समझौते के तहत विकसित देशों के बाजार खुलने से आदिवासी और जंगल के इलाकों में रहने वाले लोगों को अधिक आय अर्जित करने में मदद मिलेगी.
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