केंद्र सरकार ने ‘भारत-विस्तार’ नामक एक AI टूल लॉन्च किया है जो 24 घंटे किसानों की समस्याओं का समाधान करेगा. किसान हेल्पलाइन नंबर 155261 पर कॉल करके मौसम, फसल योजना, सरकारी योजनाओं और कीट प्रबंधन की जानकारी ले सकेंगे. यह टूल शुरुआत में हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है और जल्द ही सभी क्षेत्रीय भाषाओं में काम करेगा.
यह पहल केवल एक तकनीक मात्र नहीं है, बल्कि किसानों और आधुनिक खेती के बीच की दूरी को मिटाने वाला एक डिजिटल सेतु है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2026-27 में की गई घोषणा के मात्र 2 हफ्तों के अंदर इसे धरातल पर उतारना सरकार की कृषि के प्रति गंभीरता को दर्शाता है. 150 करोड़ रुपये के शुरुआती फंड के साथ शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट, ‘भाषिणी’ (BHASHINI) जैसी उन्नत भारतीय AI तकनीकों का उपयोग कर किसानों को सशक्त बनाएगा.
कैसे काम करेगा भारत-विस्तार और ‘भारती’?
भारत-विस्तार का उपयोग करना बहुत सरल है. किसानों को किसी जटिल ऐप को चलाने की जरूरत नहीं है, वे केवल एक फोन कॉल के जरिए जानकारी पा सकते हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: किसान 155261 पर कॉल कर सकते हैं.
- इंटरैक्टिव बातचीत: कॉल करते ही AI विशेषज्ञ ‘भारती’ किसानों से बात करना शुरू करेगी.
- मल्टीलिंगुअल सपोर्ट: फिलहाल यह हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध है, लेकिन जल्द ही इसे क्षेत्रीय भाषाओं में विस्तार दिया जाएगा.
इन 10 प्रमुख योजनाओं की जानकारी
भारत-विस्तार के पहले चरण में सरकार की 10 सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं को जोड़ा गया है, ताकि किसानों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें:
- पीएम-किसान (PM-KISAN)
- पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY)
- सॉयल हेल्थ कार्ड (SHC)
- संशोधित ब्याज सहायता योजना
- कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन
- प्रति बूंद अधिक फसल
- पीएम कृषि सिंचाई योजना
- पीएम आशा (PM-AASHA)
- एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
कृषि का डिजिटल बैकबोन
भारत-विस्तार केवल एक सूचना केंद्र नहीं है, बल्कि यह AgriStack और ICAR के विशाल डेटाबेस को AI से जोड़ता है.
- टेक्नोलॉजी: इसमें ‘इंडिया AI मिशन’ और ‘भाषिणी’ इकोसिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो भाषा की बाधा को खत्म करता है.
- एविडेंस-बेस्ड पॉलिसी: किसानों द्वारा दिए गए फीडबैक और उनके द्वारा पूछे गए सवालों का डेटा सीधे सरकार के पास जाएगा, जिससे भविष्य में रिसर्च और नीतियां बनाने में मदद मिलेगी.
- सहयोग: इसे बनाने में AI स्टार्टअप्स, तकनीकी कंपनियों और ‘AI सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ ने मिलकर काम किया है.
किसानों के लिए क्यों है यह गेम-चेंजर?
- 24×7 उपलब्धता: दिन हो या रात, किसान कभी भी जानकारी ले सकते हैं.
- सटीक अलर्ट: मौसम के पूर्वानुमान और कीटों के हमले की चेतावनी अब सीधे फोन पर मिलेगी.
- पारदर्शिता: सरकारी योजनाओं की पात्रता और आवेदन की स्थिति जानना अब बहुत आसान होगा.
- उत्पादकता में सुधार: मिट्टी की सेहत और खेती के आधुनिक तरीकों से फसल की पैदावार बढ़ेगी.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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