यह खबर इसलिए भी खास है, क्योंकि 7वां केंद्रीय वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को पूर्ण हो चुका है. अब सबकी नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं. कर्मचारियों के बीच सवाल उठ रहा है कि नई वेतन व्यवस्था में उनकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते में क्या बदलाव होंगे.
कब होता है DA में बदलाव?
आमतौर पर महंगाई भत्ते में साल में दो बार संशोधन किया जाता है. पहला बदलाव जनवरी से लागू माना जाता है, जिसकी घोषणा अक्सर मार्च में होती है. दूसरा संशोधन जुलाई से लिंक रखता है, लेकिन इसका ऐलान त्योहारों के आसपास, खासकर दिवाली के समय किया जाता है.
इस बार जनवरी 2026 का DA संशोधन ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह 7वें वेतन आयोग के खत्म होने के बाद पहला बड़ा बदलाव होगा. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ सरकार होली से पहले DA बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है.
डीए 60 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना
दिसंबर 2025 तक महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत था. यह दर जुलाई से दिसंबर 2025 की अवधि के लिए 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद तय हुई थी. अब महंगाई दर और मौजूदा हालात को देखते हुए जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत और बढ़ोतरी की चर्चा है. अगर ऐसा होता है, तो डीए 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है.
हालांकि 2 प्रतिशत की वृद्धि पिछले 26 वर्षों में सबसे छोटी बढ़ोतरी मानी जाएगी, लेकिन यह सबसे कम नहीं होगी. जनवरी 2000 में केवल 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. वहीं जनवरी 2007, 2018 और 2025 में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. यानी छोटी वृद्धि भी कर्मचारियों की सैलरी पर असर डालती है. DA बढ़ने से न सिर्फ मासिक वेतन बढ़ता है, बल्कि पेंशन और एरियर पर भी सीधा फायदा मिलता है.
8वें वेतन आयोग के बाद DA का क्या होगा?
सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी कर दिए थे. आमतौर पर जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाता है. इसके बाद नई वेतन संरचना में DA की गणना शून्य से शुरू होती है.
पिछले सभी वेतन आयोगों में यही प्रक्रिया अपनाई गई है और इस बार भी ऐसा ही होने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि मौजूदा 58 या संभावित 60 प्रतिशत DA भविष्य में नई बेसिक सैलरी का हिस्सा बन सकता है, जिससे शुरुआती वेतन में बड़ा बदलाव दिख सकता है.
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