एनर्जी सेक्टर में बढ़ते निवेश और सरकार के रिन्यूएबल टारगेट्स के बीच अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लगातार बड़े प्रोजेक्ट हासिल कर रही है. तीसरी तिमाही के ऑपरेशनल अपडेट में कंपनी ने बताया है कि उसका नेटवर्क, ऑर्डर बुक और टेक्नोलॉजी फोकस तीनों नए स्तर पर पहुंच चुके हैं. यही वजह है कि एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की रेस में कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है.
18000 करोड़ रुपए का एचवीडीसी प्रोजेक्ट बना गेमचेंजर
कंपनी ने बताया कि केपीएस थ्री खावड़ा साउथ ओलपाड एचवीडीसी प्रोजेक्ट हासिल किया गया है. यह प्रोजेक्ट गुजरात के कच्छ जिले के खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से 2500 मेगावाट बिजली को सूरत के पास ओलपाड तक पहुंचाएगा. इस प्रोजेक्ट को भारत के रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ी मजबूती के रूप में देखा जा रहा है. इसी एक प्रोजेक्ट की वैल्यू करीब 18000 करोड़ रुपए है.
ट्रांसमिशन नेटवर्क 27901 सर्किट किलोमीटर के पार
तीसरी तिमाही के दौरान नॉर्थ करणपुरा ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट पूरी तरह चालू किया गया. इसका नेटवर्क करीब 300 सर्किट किलोमीटर लंबा है. इसके साथ ही कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 27901 सर्किट किलोमीटर हो गया है. ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी भी बढ़कर 118175 एमवीए तक पहुंच गई है. ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक अब 77787 करोड़ रुपए की हो चुकी है.
डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में भी मजबूत प्रदर्शन
कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में ऑपरेशनल एफिशिएंसी में साफ सुधार दर्ज हुआ है. वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से अब तक डिस्ट्रीब्यूशन लॉस घटकर 4.22 प्रतिशत रह गया है. पिछले साल इसी अवधि में यह 4.91 प्रतिशत था. सप्लाई रिलायबिलिटी इंडेक्स 99.998 प्रतिशत रहा है. सिस्टम रिलायबिलिटी पैरामीटर में भी सुधार दर्ज किया गया है.
मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन सर्कल में कुल 2487 मिलियन यूनिट बिजली बेची गई. कलेक्शन एफिशिएंसी 101.75 प्रतिशत दर्ज की गई है. मुंबई यूटिलिटीज लिमिटेड (Mumbai Utilities Limited) की यूनिट सेल्स 57 प्रतिशत बढ़कर 371 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई हैं.
स्मार्ट मीटरिंग से रेवेन्यू ग्रोथ को मिलेगा नया इंजन
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में भी तेजी दिखाई है. तीसरी तिमाही में 18.88 लाख नए स्मार्ट मीटर लगाए गए. इसके साथ कुल इंस्टॉल मीटरों की संख्या 92.5 लाख तक पहुंच गई है. कंपनी को भरोसा है कि वित्त वर्ष 26 के अंत तक एक करोड मीटर का लक्ष्य पार हो जाएगा. स्मार्ट मीटरिंग ऑर्डर बुक 2.46 करोड मीटर की है. इससे करीब 29519 करोड रुपए की संभावित आय का अनुमान है. यह सेगमेंट आने वाले वर्षों में कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ का बड़ा आधार बन सकता है.
भारत में ही क्यों तेजी से बढ़ रही अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस
भारत में रिन्यूएबल एनर्जी की मांग, पावर ग्रिड का आधुनिकीकरण और स्मार्ट मीटरिंग पर सरकार का फोकस इस ग्रोथ का मुख्य कारण है. मजबूत नीतिगत सपोर्ट और बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को तेजी से विस्तार का मौका दिया है. ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल मीटरिंग का कॉम्बिनेशन कंपनी को भारतीय एनर्जी सेक्टर में लीडिंग पोजिशन पर बनाए रखता है.
शेयरों की स्थिति
अडानी एनर्जी के शेयर आज गिरावट के साथ बंद हुए. आज कारोबार के दौरान 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कारोबार खत्म होने तक हल्की रिकवरी भी दिखी. कंपनी के शेयर एनएसई पर 1.88 फीसदी की गिरावट के साथ 933 रुपये पर बंद हुए.
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