इस रेडिट यूजर ने अपनी कंपनी में हुए एक दिल तोड़ देने वाले किस्से को शेयर किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वह कंपनी में एक मैनेजर था, जो अपनी शुरुआती 70 की उम्र में थे और उन्होंने एक ही कंपनी में 50 साल से ज्यादा समय तक नौकरी की थी. ये मैनेजर ईमानदार और निष्पक्ष था. हर कोई ऑफिस में उन्हें सम्मान देते थे. पोस्ट के अनुसार, कंपनी का हाल ही में एक मल्टीनेशनल फर्म ने अधिग्रहण किया था. इसके बाद फील्ड क्वालिटी से जुड़े खर्चों की जिम्मेदारी मैनेजर पर डाल दी गई, जबकि वे सीधे तौर पर उन कामों को संभाल भी नहीं रहे थे. कुछ ही हफ्तों में यह कहकर उन्हें हटा दिया गया कि वे PIP की शर्तें पूरी नहीं कर पाए. यूजर का आरोप है कि यह PIP सिर्फ औपचारिकता थी. दरअसल, बिना सेपरेशन पैकेज दिए नौकरी खत्म करने के लिए कागजी आधार तैयार किया गया था.
बिना पैकेज के नौकरी से निकाला
यूजर के अनुसार, दिसंबर में लेऑफ के दौरान सिर्फ 2 साल काम करने वालों को भी पैकेज दिया गया था, लेकिन 50 साल के इस वफादार कर्मचारी को कुछ नहीं मिला. रेडिट यूजर ने लिखा कि – हां, उम्र ज्यादा होने पर अगली पीढ़ी को मौका देना चाहिए, लेकिन इसे सही तरीके से करना चाहिए था. कंपनी ने बचत करने के लिए ऐसा किया क्योंकि पीआईपी का पेपर ट्रेल बनाकर उन्होंने बिना पैकेज के निकाला. कंपनी ने इस पोस्ट फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है.
इंटरनेट पर इस पोस्ट पर अब बहस छिड़ गई है. लोग कह रहे हैं कि कैपिटलिस्ट समाज में हर वर्कर सिर्फ मर्सिनरी है, मतलब पैसा कमाने वाला बन गया है. पुरानी पीढ़ी की वफादारी सोच अब काम नहीं आती, कंपनी को सिर्फ प्रॉफिट दिखता है. कुछ ने सलाह दी कि उम्र के आधार पर डिस्क्रिमिनेशन का केस बन सकता है, वकील से बात करें, क्योंकि ऐसे मामलों में कंपनी अक्सर सेटलमेंट कर लेती है. कई लोग निराश के साथ भी पोस्ट पर कमेंट करते हुए नजर आए. उनका मानना था कि कंपनी ने ऐसे सम्मानित व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार किया है. इससे ये बात तो साफ होती है कि आज के समय में नौकरी में सिक्योरिटी और सम्मान कितना कम हो गया है, खासकर जिन कर्मचारियों की उम्र अधिक है.
आईटी कंपनियों में जॉबकट का खतरा सबसे अधिक
आपको बता दें कि भारत का आईटी सेक्टर में साल 2025 में सबसे ज्यादा छंटनी देखने को मिली है. आईटी कंपनियां अब कर्मचारियों को सीधे निकालने के बजाय ‘परफॉर्मेंस’ या ‘रोल एडजस्टमेंट’ के नाम पर उन्हें इस्तीफा देने को कह रही हैं. Accenture, Infosys, TCS, Amazon आदि कई बड़ी-बड़ी कंपनियां लोगों को जॉब से निकाल रही है, फिर चाहे आप कम उम्र के हो या फिर ज्यादा उम्र के. आईटी सेक्टर में आई मंदी की सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल माना जा रहा है. जिन कामों को पहले सैकड़ों इंजीनियर मिलकर करते थे, वे अब AI टूल्स कुछ ही मिनटों में पूरा कर दे रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियां तेजी से AI आधारित सिस्टम अपना रही हैं, जिससे पारंपरिक स्किल वाले कई कर्मचारियों की जरूरत कम होती जा रही है. इसी वजह से सबसे बड़ा खतरा अधिक उम्र के लोगों की नौकरी पर मंडरा रहा है लेकिन किसी भी शख्स को कंपनी से निकालने से पहले ये जिम्मेदारी उस कंपनी की होती है कि वह सिक्योरिटी और सम्मान देते हुए ही शख्स को अलविदा कहे.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.