इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणी पीएम मोदी के एआई विजन की सराहना करते हुए एक किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने किसानों के लिए AI लागू करने का आइडिया दिया. इसके बाद उन्होंने मात्र 34 दिन में ‘सरलाबेन’ ऐप बनाया, जिससे किसानों को मदद मिलेगी.
समिट में नीलेकणी ने कहा, “8 जनवरी को जब मैंने पीएम मोदी से किसानों के लिए एआई के इस्तेमाल पर चर्चा की, तो उन्होंने पूछा – ‘क्यों नहीं हम एआई को गायों और पशुओं पर लागू कर सकते? अगर गाय बीमार है, तो वह खुद नहीं बता सकती. इस समस्या का समाधान कैसे करें?’ पीएम ने कृषि और डेयरी में एआई के इस्तेमाल की अपनी विजन दी.” उसी दिन पीएमओ ने मीटिंग बुलाई, जिसमें मेटाई के कृष्णन और अभिषेक, अमूल और नीलेकणी के सहयोगियों ने हिस्सा लिया. मात्र तीन हफ्तों में ऐप लाइव हो गया – 8 जनवरी से 11 फरवरी तक.
भूपेंद्र पटेल ने लॉन्च किया था ‘सरलाबेन’ प्लेटफॉर्म
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हाल ही में इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया था. भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”तकनीक तब सबसे ज्यादा ताकतवर बनती है जब वह लोगों की भाषा में काम करे. उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में अमूल के एआई प्रोजेक्ट की कहानी शेयर की, जो नरेंद्र मोदी के टेक्नोलॉजी से सशक्त ग्रामीण भारत के विजन का उदाहरण है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया है, जो 200 करोड़ डेटा रिकॉर्ड का इस्तेमाल करके लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने में मदद करेगा. अमूल का एआई असिस्टेंट ‘सरलाबेन’ पशुपालकों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है, क्योंकि यह जानवरों की सेहत और प्रोडक्टिविटी के बारे में रियल-टाइम जानकारी देता है. पशुपालन में तकनीक जोड़ने से डेयरी किसानों खासकर महिलाओं को बेहतर साधन मिलेंगे और उनकी कमाई बढ़ाने में मदद मिलेगी.
Gujarat Chief Minister Bhupendra Patel tweets, “Technology is most powerful when it speaks the language of the people. Glad to hear Nandan NilekaniJi at the #IndiaAiImpactSummit share the story behind our Amul AI initiative, a testament to PM Narendra Modi ji’s vision for a… pic.twitter.com/Xkx8kVs6Wx
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