इरीना घोष, जो खुद माइक्रोसॉफ्ट इंडिया जैसे बड़े संस्थानों का अनुभव लेकर आई हैं, अब एंथ्रोपिक के भारतीय मिशन को ‘पार्टनरशिप’ और ‘लास्ट माइल’ बदलाव के साथ जोड़ रही हैं. बेंगलुरु के एम्बेसी गोल्फ लिंक्स में स्थित नए ऑफिस से कंपनी की योजना केवल सॉफ्टवेयर बेचने की नहीं, बल्कि भारतीय उद्योगों के साथ मिलकर ऐसे समाधान तैयार करने की है जो शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकें.
इंटरव्यू के मुख्य अंश
जब इरीना घोष से भारत में एंथ्रोपिक की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर रोशनी डाली:
भारत की बढ़ती हिस्सेदारी पर:
कुल बातचीत (conversations) का 6% हिस्सा अब भारत से हो रहा है. देश से बहुत अधिक कंप्यूटिंग और मैथमेटिकल उपयोग देखने को मिल रहा है, और इसमें से अधिकांश डेवलपर्स को सशक्त बनाने पर केंद्रित है, जिससे वे कोड को बेहतर और तेज तरीके से लिख पा रहे हैं.
एंटरप्राइज और इनोवेशन पर:
भारत में हमारी टीम की मौजूदगी का पूरा उद्देश्य एंटरप्राइजेज के साथ मिलकर काम करना है. हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे हमारे साथ मिलकर ‘को-बिल्ड’ और ‘को-इनोवेट’ कर सकें और जो कुछ भी वे बनाना चाहते हैं, उसे हम साथ मिलकर साकार करें.
आईटी स्टॉक्स और क्लॉड कोवर्क (Claude Cowork) के प्रभाव पर:
हमारा इरादा एक-दूसरे का पूरक (complement) बनना, साथ मिलकर सह-अस्तित्व (coexist) में रहना और चीजों का निर्माण करना है. भविष्य का बहुत सारा ‘लास्ट माइल’ काम पार्टनर इकोसिस्टम और उन एंटरप्राइजेज से आएगा जो इसे विकसित कर रहे हैं.
इंडिक भाषाओं और जमीनी स्तर पर प्रभाव
एंथ्रोपिक केवल अंग्रेजी तक सीमित नहीं रहना चाहता. कंपनी ने करीब एक दर्जन भारतीय भाषाओं (बंगाली, मराठी, तेलुगु, तमिल, पंजाबी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम और उर्दू) पर ध्यान केंद्रित किया है. इरीना घोष के अनुसार, कंपनी का काम एक पार्टनरशिप मॉडल के साथ गहराई से जुड़ा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और कृषि जैसे क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक असर डाल सकता है. इसके लिए कंपनी सेल्स, पार्टनरशिप और एप्लाइड एआई इंजीनियरिंग जैसे विभागों में अनुभवी लोगों की भर्ती कर रही है.
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एंथ्रोपिक इंडिया का भविष्य का रोडमैप
- दूसरा सबसे बड़ा बाजार: अमेरिका के बाहर भारत क्लॉड के लिए सबसे सक्रिय बाजारों में से एक बन गया है.
- बेंगलुरु ऑफिस: टेक हब बेंगलुरु के एम्बेसी गोल्फ लिंक्स में पहला कार्यालय शुरू.
- इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट: कंपनी के को-फाउंडर डारियो अमोदेई और सीटीओ राहुल पाटिल नईदिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित समिट में हिस्सा लेंगे.
- कस्टमाइज्ड सॉल्यूशंस: कंपनियों को बैंकिंग या हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों के लिए अपनी बारीकियां (nuances) जोड़कर एआई समाधान तैयार करने होंगे.
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