नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक बार फिर वेतन वृद्धि का समय आ रहा है. ईवाई इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस बार औसतन 9 फीसदी से भी ज्यादा की वेतन वृद्धि हो सकती है. सबसे ज्यादा इंक्रीमेंट फाइनेंस और ई-कॉमर्स सेक्टर में होने की संभावना है. हालांकि, कंपनियां अब वेतन वृद्धि करते समय सबसे ज्यादा जोर कौशल और प्रदर्शन पर रखती हैं.
इस बार औसत वेतन वृद्धि 9 फीसदी से ज्यादा रहने की संभावना है.
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां अब अपने वेतन ढांचे में बदलाव कर रही हैं और कौशल और प्रदर्शन के आधार पर वेतन देने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, क्योंकि उनके व्यापारिक उद्देश्य और प्राथमिकताएं बदल रही हैं. वैश्विक क्षमता केंद्रों में सबसे अधिक वेतन वृद्धि (10.4 फीसदी) होने का अनुमान है. इसके बाद वित्तीय सेवाओं में लगभग 10 फीसदी, ई-कॉमर्स में 9.9 फीसदी और जीवन विज्ञान व औषधि क्षेत्र में 9.7 फीसदी वेतन वृद्धि होने की संभावना है.
नौकरी छोड़ने की दर में भी गिरावट
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के 16 क्षेत्रों और 178 कंपनियों के आंकड़े शामिल करके यह रिपोर्ट तैयार की गई है. इसमें बताया गया है कि कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर साल 2025 में घटकर 16.4 फीसदी रह गई, जो 2024 में 17.5 फीसदी थी. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अधिकांश कर्मचारी यानी 80 फीसदी से अधिक, स्वेच्छा से नौकरी बदल रहे हैं, न कि कंपनियों के दबाव में. इसका मतलब है कि कर्मचारी अपनी ग्रोथ के लिए नौकरियां बदल रहे हैं, न कि किसी कंपनी के दबाव में आकर.
कर्मचारियों में निवेश के बदल रहे तरीके
ईवाई इंडिया के विशेषज्ञ अभिषेक सेन ने कहा कि अब कंपनियां अपने कर्मचारियों में निवेश करने के तरीके में बदलाव कर रही हैं. भारत में वेतन भविष्य में केवल सालाना बढ़ोतरी के आकार से तय नहीं होगा. अब यह देखा जाएगा कि कौन-कौन से कौशल में निवेश करना है, कौन से परिणामों के लिए प्रोत्साहन देना है और प्रतिस्पर्धा तथा स्थिरता का संतुलन कैसे बनाए रखना है. उन्होंने कहा कि लगभग आधी कंपनियां अब कौशल-आधारित वेतन प्रणाली अपना रही हैं.
कर्मचारियों को भी बदलनी होगी रणनीति
ईवाई इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अब कर्मचारियों को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना चाहिए. अगर बेहतर सैलरी चाहिए तो उन्हें अपने कौशल को बढ़ाने पर जोर देना चाहिए. कर्मचारियों को ऐसे कौशल पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जिसकी जरूरत कंपनियों को है. कंपनियों की बदलती रणनीति को देखते हुए कर्मचारियों को भी अपने कौशल के विकास पर जोर देना होगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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