बेंगलुरु के एक आईटी स्टार्टअप द्वारा एक ही दिन में 40% कर्मचारियों की छंटनी से सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। सीए अर्पित गोयल की पोस्ट के मुताबिक 92 लाख रुपये सालाना सैलरी पाने वाले कर्मचारी की भी नौकरी चली गई, जिससे यह साफ हो गया कि हाई CTC अब जॉब सिक्योरिटी की गारंटी नहीं है. छंटनी में ऐसे लोग भी शामिल थे जिनकी जिंदगी में बड़े बदलाव आने वाले थे, जैसे जल्द पिता बनने वाला कर्मचारी और मैटरनिटी लीव की तैयारी कर रही महिला। इस घटना ने स्टार्टअप कल्चर की उस कड़वी सच्चाई को उजागर किया है, जहां फंडिंग अच्छी हो तो तेजी से हायरिंग होती है, लेकिन हालात बिगड़ते ही उतनी ही तेजी से छंटनी कर दी जाती है.
यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है. निकाले गए लोगों में कुछ ऐसे भी थे जिनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आने वाला था. एक कर्मचारी का बच्चा बस एक हफ्ते में पैदा होने वाला था, वह पिता बनने की तैयारी कर रहा था. दूसरी तरफ एक महिला कर्मचारी प्रेग्नेंट थी और मातृत्व अवकाश के लिए अप्लाई करने वाली थी. अचानक निकाल दिए जाने से उनकी पूरी प्लानिंग उलट-पुलट हो गई. ऐसे मामलों ने लोगों को बहुत दुखी किया है. स्टार्टअप में तेजी से लोगों को हायर किया जाता है, जब फंडिंग अच्छी चलती है, लेकिन जब फंडिंग कम होती है तो उतनी ही तेजी से कटौती कर देते हैं. यह भारतीय टेक सेक्टर की कड़वी हकीकत बन गई है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने किया रिएक्ट
सोशल मीडिया पर लोग इस पर जमकर पोस्ट पर अपनी राय कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि नौकरी जाना इतना बड़ा मुद्दा नहीं, असली समस्या तब है जब हाई सीटीसी वाले लोग बड़े-बड़े ईएमआई भरते हैं और अचानक नौकरी चली जाती है. दूसरा कमेंट था कि दुखद हकीकत है, अब हाई सीटीसी सिक्योरिटी की गारंटी नहीं देती.
One of my friend working in IT startup at bangalore,
Recently his company did a 40% layoff in literally a single day and this is a real story.
And he is having a CTC of 92 lakhs.The job loss is real.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.