वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी बजट की हर चर्चा में शामिल हैं. इस बार उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता मिडिल क्लास को राहत देना, टैक्स सिस्टम को सरल बनाना और सरकारी खर्च को नियंत्रण में रखना माना जा रहा है.
अनुराधा ठाकुर
अनुराधा ठाकुर (Anuradha Thakur) बजट 2026 की सबसे अहम टीम मेंबर हैं. 1994 बैच की अधिकारी अनुराधा ठाकुर पहली महिला आर्थिक मामलों की सचिव (Economic Affairs Secretary) हैं और बजट की पूरी रूपरेखा उनकी देखरेख में तैयार हो रही है. उनका फोकस देश की आर्थिक वृद्धि बनाए रखने, कर्ज को नियंत्रित करने और बाजार को मजबूत करने पर है. आने वाले समय में सरकार का ध्यान कर्ज और देश की GDP के बीच संतुलन बनाए रखने पर रहेगा. आम लोगों के लिए इसका मतलब यह है कि सरकार खर्च और टैक्स दोनों में संतुलित नीति अपनाने की कोशिश करेगी.
अनंत नागेश्वरन
अनंत नागेश्वरन (V Anantha Nageswaran), जो पिछले चार बजटों से चीफ इकनॉमिक एडवाइजर (Chief Economic Adviser) हैं, बजट की आर्थिक रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. बजट से पहले जारी होने वाली इकनॉमिक रिपोर्ट (Economic Survey) भी उनकी देखरेख में तैयार होती है. सरकार आने वाले समय में कर्ज कम करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें अनंत नागेश्वरन की सलाह बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है.
अरविंद श्रीवास्तव
अरविंद श्रीवास्तव (Arvind Shrivastava), साल 1994 बैच के अधिकारी और वर्तमान में राजस्व सचिव (Revenue Secretary), बजट 2026 में टैक्स से जुड़े बदलावों में अहम भूमिका निभा रहे हैं. अगर आप इनकम टैक्स, GST या कस्टम ड्यूटी से जुड़े बदलावों का इंतजार कर रहे हैं, तो उनका नाम जानना जरूरी है। बजट में टैक्स कलेक्शन पर दबाव के बीच, अरविंद श्रीवास्तव टैक्स सिस्टम को आसान बनाने, टैक्स बेस बढ़ाने और नियमों को साफ रखने पर काम कर रहे हैं. उनकी कोशिश है कि टैक्स के नियम सरल और समझने लायक हों, अधिक लोग टैक्स के दायरे में आएं और सिस्टम मिडिल क्लास और व्यवसायों दोनों के लिए राहत भरा साबित हो.
वी वुअलनाम
वी वुअलनाम (V Vualnam), साल 1992 बैच के अधिकारी और एक्सपेंडीचर सेक्रेटरी (Expenditure Secretary), सरकार के पैसे के खर्च और बचत की निगरानी संभालते हैं. बजट 2026 में राज्यों को मिलने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं की सही दिशा और उपयोग में उनका बड़ा रोल होगा. उनका फोकस है कि सरकारी पैसा सही जगह और सही तरीके से खर्च हो. अरुणिश चावला (Arunish Chawla), साल 1992 बैच के अधिकारी और DIPAM सेक्रेटरी, सरकारी कंपनियों से जुड़े विभाग की जिम्मेदारी संभालते हैं. वह सरकारी कंपनियों की बिक्री और लिस्टिंग पर काम कर रहे हैं ताकि सरकार की कमाई बढ़े. बजट में टैक्स से कम आय होने पर गैर-टैक्स कमाई पर ध्यान देना उनकी अहम जिम्मेदारी है.
एम नागराजू
एम नागराजू (M Nagaraju), साल 1993 बैच के अधिकारी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी (Financial Services Secretary), बैंकिंग सिस्टम, लोन और MSME से जुड़े फैसलों की देखरेख कर रहे हैं. बजट 2026 में उनका फोकस सरकारी बैंकों को मजबूत करना, छोटे कारोबारियों और एक्सपोर्टर्स को आसान लोन देना रहेगा, जिससे रोजगार और व्यवसाय दोनों को मदद मिले. यह पूरी टीम टैक्स, नौकरी, महंगाई, बैंक, लोन और सरकारी खर्च से जुड़े फैसले लेगी. इस बार का बजट तय करेगा कि मिडिल क्लास की सैलरी, बचत और खर्च पर आने वाले साल में क्या असर पड़ेगा.
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