India-UAE Trdae Deal : भारत और यूएई के बीच हाल में एक बड़ा समझौता हुआ. इसके तहत दोनों देशों ने साल 2032 तक आपसी कारोबार को 200 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.
संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई केराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान एक दिन पहले जब दिल्ली आए तो उनकी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3 घंटे तक बातचीत हुई. इस दौरान भारत और यूएई ने रक्षा, ट्रेड, एनर्जी और तकनीक के क्षेत्र में अपने द्विपक्षीय कारोबार को नई ऊंचाईयों पर पहुंचाने को लेकर एक डील साइन की. वैसे तो इस बातचीत पर पाकिस्तान और अमेरिका दोनों की निगाह थी, लेकिन भारत ने जितनी आसानी से इस करार को पूरा किया, निश्चित रूप से दोनों देशों को बड़ा झटका लगा होगा.
दोनों नेताओं ने सराहा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेख मोहम्मद बिन जायद ने लिखा, आज प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात काफी सकारात्मक रही और दोनों देशों ने आर्थिक प्रगति को लेकर कई मसलों पर बातचीत की. इस दौरान भारत के साथ एक ट्रेड डील हुई जो दोनों देशों को भविष्य में आर्थिक प्रगति और द्विपक्षीय फायदों को लेकर की गई है. पीएम मोदी ने भी यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और लिखा, अपने भाई शेख मोहम्मद का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हुई. हमने दोनों देशों के आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए विस्तार से बातचीत की.
इन मुद्दों पर हुआ करार
- भारत और यूएई ने साल 2032 तक आपसी कारोबार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचाने पर सहमति जताई.
- दोनों देश एमएसएमई, डिजिटल ट्रेड और नए बाजारों तक पहुंच बनाने पर काम करेंगे.
- हाईटेक तकनीक, साइबर सुरक्षा, स्पेशल ऑपरेशन, ट्रेनिंग और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कदम उठाने पर भी दोनों देश सहमत हुए.
- ऊर्जा क्षेत्र के लिए भारतीय कंपनियों के बीच एलएनजी सप्लाई समझौता किया गया. इसके अलावा नागरिक परमाणु और अंतरिक्ष सहयोग बढ़ाने पर भी दोनों देश सहमत दिखे.
गुजरात को मिलेगा बड़ा निवेश
- इस समझौते में गुजरात के धोलेरा क्षेत्र और गिफ्ट सिटी के लिए निवेश मिलना रहा है.
- समझौते के तहत यूएई भारत में इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ग्रीनफील्ड पोर्ट, स्मार्ट सिटी टाउनशिप, रेलवे और एनर्जी इन्फ्रा सेक्टर में निवेश करेगा.
- इसके अलावा भारत में डाटा सेंटर, सुपर कंप्यूटिंग क्लस्टर और फाइनेंशियल सर्विसेज में भी निवेश आ सकता है.
राजनीतिक महत्व भी ज्यादा
पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति के बीच बातचीत के जितने आर्थिक मायने हैं, उतने ही राजनीतिक भी हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों हुए नए रक्षा समझौते के तहत खाड़ी देशों का संतुलन बदल गया था. भारत ने यूएई के साथ रक्षा और आर्थिक समझौता करके इसे कुछ हद तक संभालने की कोशिश की है. ऐसे में पाकिस्तान के साथ बदलते रिश्तों के बीच यह समझौता भारत के लिए कई मायनों में काफी अहम है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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