Union Budget 2026 LIVE: एंजेल और सीड इन्वेस्टर्स के लिए टैक्स इंसेंटिव्स को बढ़ाने की उम्मीद
बजट 2026 लाइव: SCOPE के Founder & CEO Saikiran Appalla के मुताबिक, “भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच चुका है, करीब 1.8 से 1.9 लाख DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 17.6 लाख से ज़्यादा डायरेक्ट नौकरियां इसके सबूत हैं. इनोवेशन और आर्थिक विकास की नींव मज़बूत है, लेकिन शुरुआती दौर की फंडिंग में गिरावट और कुल पूंजी निवेश में सख्ती चिंता का विषय है. ऐसे में बजट 2026 एक अहम मौका है.
एंजेल और सीड इन्वेस्टर्स के लिए टैक्स इंसेंटिव्स बढ़ाना, कंप्लायंस को आसान बनाना ताकि शुरुआती फंडिंग दोबारा रफ्तार पकड़े, और फंड ऑफ फंड्स व सीड फंड स्कीम्स जैसे मैकेनिज़्म को मज़बूत करना, ये सब फंडिंग गैप भरने में मदद करेंगे. इससे 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की स्टार्टअप इकॉनमी बनाने का भारत का सपना साकार हो सकेगा. क्रॉस-बॉर्डर फंडरेज़िंग, ESOP लिक्विडिटी और डीप-टेक को लगातार सपोर्ट करने से भारत सिर्फ स्केल में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल इनोवेशन इम्पैक्ट में भी लीड करेगा.”
Union Budget 2026 LIVE: डिजिटल इंडिया 2.0 से लेकर टैलेंट रिटेंशन पर फोकस
यूनियन बजट 2026 लाइव: BankBazaar.com के – CEO Adhil Shetty के अनुसार, “जैसे-जैसे भारत बजट 2026 की तैयारी कर रहा है, फोकस घरेलू आय पर दबाव कम करने और औपचारिक क्रेडिट तक पहुंच को मज़बूत करने पर है. इसका एक बड़ा ज़रिया है डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर. डिजिटल इंडिया 2.0 के तहत लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, जिसमें डिजिलॉकर, अकाउंट एग्रीगेटर फ्रेमवर्क और पूरी तरह एजेंट-लेस 24×7 वीडियो KYC शामिल हों, लोन और इंश्योरेंस को तेज़, सुरक्षित और सस्ता बना सकता है. आधार-आधारित KYC और कंसेंट-आधारित डेटा शेयरिंग पहले से मौजूद है, ऐसे में ज़्यादा निवेश से देरी कम होगी, धोखाधड़ी का जोखिम घटेगा और डिलीवरी लागत कम होगी.
टैक्सेशन की बात करें तो, न्यू टैक्स रिजीम में 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब की सीमा 24 लाख रुपये तक बढ़ाई गई है, लेकिन महंगाई के कारण प्रोफेशनल्स फिर भी ऊंचे स्लैब में आ रहे हैं. अगर टॉप स्लैब को महंगाई से जोड़ा जाए या उस पर दोबारा विचार किया जाए, तो वास्तविक आय को बचाया जा सकता है और हर साल 2–3 लाख रुपये तक बचत और निवेश के लिए फ्री हो सकते हैं. इसे लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस और पेंशन जैसे लॉन्ग-टर्म प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स पर एक फ्लैट डिडक्शन देकर सपोर्ट किया जा सकता है, बिना सिस्टम को और जटिल बनाए.
बिज़नेस के लिए, उद्यम-रजिस्टर्ड MSMEs को ESOP टैक्स में समानता देने से टैलेंट रिटेंशन और फॉर्मलाइज़ेशन को बढ़ावा मिलेगा. हाउसिंग भी बेहद अहम है। 45 लाख रुपये की अफोर्डेबल हाउसिंग लिमिट अब शहरी हकीकत को नहीं दर्शाती. इसे रिवाइज़ करने से EMI कम हो सकती है और हाउसिंग-लिंक्ड खपत को दोबारा गति मिल सकती है. कुल मिलाकर, ये कदम डिस्पोज़ेबल इनकम बढ़ाने और भारत की क्रेडिट व टैक्स व्यवस्था को मौजूदा आर्थिक हालात के अनुरूप बनाने में मदद करेंगे.”
Budget 2026 LIVE: लखपति दीदी का विस्तार
बजट 2026 लाइव: व्योमिनी सोशल एंटरप्राइज की संस्थापक एवं निदेशक प्राची कौशिक के अनुसार, हम बजट 2026 से ऐसी नीतियों की उम्मीद करते हैं जो भारत की विकास गाथा में महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता दें. कौशल निर्माण, उद्यमिता और आजीविका कार्यक्रमों में निवेश से युवा अपनी आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदल सकेंगे. स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों की मालिक महिलाओं की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए निवेश मार्गदर्शन और फंडिंग को प्राथमिकता देने हेतु एक समर्पित समिति आवश्यक है. महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाना और ऋण तक आसान पहुंच या ‘लखपति दीदी’ जैसे कार्यक्रमों का विस्तार करना दीर्घकालिक आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में मददगार हो सकता है. कार्यबल में महिलाओं की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा में समान निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। समुदायों को स्थानीय स्तर पर सशक्त करने वाला जन-केंद्रित बजट देश में लचीलापन, गरिमा और सतत प्रगति को बढ़ावा देगा.
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