सरकार का मकसद यह है कि अलग अलग बैंक प्रोडक्ट और बीमा पॉलिसी की जरूरत खत्म हो और कर्मचारियों को एक ही प्लेटफार्म पर सभी जरूरी फाइनेंशियल सुविधाएं मिलें. इसे सरकारी कर्मचारियों के लिए वन स्टॉप फाइनेंशियल सॉल्यूशन के रूप में तैयार किया गया है.
लॉन्च इवेंट में टॉप बैंकिंग अधिकारी शामिल
इस सैलरी अकाउंट पैकेज को डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के सचिव एम नागराजू (M Nagaraju) ने लॉन्च किया. इस मौके पर एसबीआई (SBI) के चेयरमैन, सभी नेशनलाइज्ड बैंकों के एमडी और सीईओ, एनपीसीआई (NPCI) के सीईओ और विभाग के सीनियर अधिकारी मौजूद रहे. पैकेज को बैंकों के साथ मिलकर इस तरह डिजाइन किया गया है कि ग्रुप ए, बी और सी के सभी कर्मचारियों को एक जैसी सुविधाएं, अधिकतम कवरेज और आसान एक्सेस मिल सके.
बीमा कवर में बड़ी सुरक्षा
इस पैकेज की सबसे अहम खासियत मजबूत बीमा सुरक्षा है. कर्मचारियों को 1.5 करोड रुपये तक का पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर मिलेगा. इसके अलावा 2 करोड रुपये तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर भी दिया जाएगा. इसका मतलब है कि दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारी और उनके परिवार को बड़ी फाइनेंशियल सुरक्षा मिलेगी. सरकार का मानना है कि मेडिकल और एक्सीडेंट कवर को सैलरी अकाउंट से जोड़ने से कर्मचारियों को अलग से बीमा लेने की जरूरत कम होगी और कवरेज भी बेहतर रहेगा.
बैंकिंग सुविधाएं भी होंगी अपग्रेड
इस कॉम्पोजिट सैलरी अकाउंट में जीरो बैलेंस अकाउंट की सुविधा दी जाएगी. इसके साथ बेहतर डिजिटल बैंकिंग, अनलिमिटेड ट्रांजैक्शन और कोई मेंटेनेंस चार्ज नहीं लगेगा. होम लोन, एजुकेशन लोन, व्हीकल लोन और पर्सनल लोन पर रियायती ब्याज दर भी इस पैकेज का हिस्सा है. इससे सरकारी कर्मचारियों को सस्ते फाइनेंस का सीधा फायदा मिलेगा.
कार्ड से जुडे़ प्रीमियम बेनिफिट्स
इस पैकेज में डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, रिवार्ड प्रोग्राम, कैशबैक ऑफर और अन्य प्रीमियम सुविधाएं दी जाएंगी. इससे सरकारी कर्मचारियों को प्राइवेट सैलरी अकाउंट जैसे हाई एंड बेनिफिट्स मिलेंगे.
पुराने सैलरी अकाउंट भी होंगे माइग्रेट
डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने पब्लिक सेक्टर बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस पैकेज को अपनी वेबसाइट और सरकारी विभागों में जागरूकता कैंप के जरिए प्रचारित करें. साथ ही कर्मचारियों की सहमति से पुराने सैलरी अकाउंट को नए कॉम्पोजिट पैकेज में माइग्रेट करने की सुविधा भी दी जाएगी.
कर्मचारियों को क्या मिलेगा सीधा फायदा
इस नए सिस्टम से कर्मचारियों को एक ही अकाउंट में बैंकिंग, बीमा और कार्ड सुविधाएं मिलेंगी. फाइनेंशियल सिक्योरिटी बढेगी. मेडिकल और एक्सीडेंट जोखिम का कवर मजबूत होगा. लोन सस्ता मिलेगा और डिजिटल बैंकिंग आसान बनेगी. सरकार का मानना है कि यह पहल केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को बेहतर फाइनेंशियल स्थिरता, सुरक्षा और मानसिक शांति देने में अहम भूमिका निभाएगी.
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