एनएचएआई ने जयपुर-अगरा और जयपुर-रेवाड़ी हाईवे पर रीयल-टाइम अलर्ट सिस्टम शुरू किया, जिससे आवारा पशुओं से हादसे 50 प्रतिशत तक कम होंगे. रिलायंस जियो ने नेटवर्क अपग्रेड किया.
ये सिस्टम बहुत आसान है. जब आप इन हाईवे पर चल रहे होंगे और खतरे वाले इलाके से 10 किलोमीटर पहले पहुंच जाएंगे. तो आपके मोबाइल पर फ्लैश एसएमएस आ जाएगा. हिंदी में लिखा होगा – ‘आगे आवारा पशु ग्रस्त क्षेत्र है. कृपया धीरे और सावधानी से चलें.’ इसके तुरंत बाद वॉयस कॉल भी आएगा, जिसमें वही चेतावनी आवाज में दोहराई जाएगी.
एक खास बात यह है कि 30 मिनट में एक ही व्यक्ति को दोबारा अलर्ट नहीं आएगा. इससे बार-बार मैसेज आने की परेशानी नहीं होगी. ये अलर्ट आपके फोन की लोकेशन के आधार पर अपने आप भेजे जाते हैं. एनएचएआई ने पुराने हादसों का डेटा और जमीन पर जाकर जांच की. फिर जो इलाके सबसे ज्यादा खतरनाक पाए गए. वहाँ ये सिस्टम लगाया गया.
टेलीकॉम कंपनियों खासकर रिलायंस जियो ने अपना नेटवर्क अपग्रेड किया है. ताकि ये अलर्ट तेजी से पहुंच सकें. खासकर कोहरे और रात के समय जब दिखाई कम देता है. तब ये अलर्ट जान बचा लेंगे. ड्राइवरों को पहले से पता चल जाएगा. वे स्पीड ब्रेक कर देंगे. हेडलाइट्स चालू रखेंगे और सावधानी से गाड़ी चलाएंगे.
पहले इन हाईवे पर गाय-भैंस अचानक सड़क पर आ जाती थीं. तेज रफ्तार वाली गाड़ियाँ टकरा जातीं. कई बार लोग घायल होते. प्राइवेट बसें. ट्रक और कारें दुर्घटना का शिकार हो जातीं. अब ये सिस्टम हादसों को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है.
अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा. तो एनएचएआई इसे देशभर के सभी प्रभावित नेशनल हाईवे पर चला देगा. उत्तर प्रदेश. बिहार. राजस्थान जैसे राज्यों में जहाँ आवारा पशुओं की समस्या ज्यादा है. वहाँ सबसे पहले लागू होगा. यह सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है.
यात्रियों से अपील है कि जयपुर-अगरा या जयपुर-रेवाड़ी मार्ग से गुजरते समय फोन चालू रखें. अलर्ट आते ही स्पीड घटा दें. सावधानी बरतें. सुरक्षित यात्रा ही असली विजय है. एनएचएआई का यह प्रयास आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.