अब सवाल यह है कि यह यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप आखिर कौन है, जिसने योगी जी के सामने इतना बड़ा निवेश का ऐलान कर दिया. दरअसल, यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप यानी यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज लिमिटेड (यूएसईएल) एक सिंगापुर में स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जिसकी शुरुआत 1995 में प्रसून मुखर्जी ने की थी.
क्या है यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप?
यह कंपनी साउथ एशिया और साउथईस्ट एशिया में काम करती है और इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखती है. कंपनी का मुख्यालय सिंगापुर में है, जहां इसका पता 91 बेंकूलन स्ट्रीट, सनशाइन प्लाजा पर है. कंपनी के पास मेगा टाउनशिप, इंडस्ट्रियल पार्क, डेटा सेंटर, कोल माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और रेस्टोरेंट जैसे प्रोजेक्ट्स हैं. पहले यह आउटबैक स्टेकहाउस और टीजीआई फ्राइडेज़ जैसे रेस्टोरेंट्स का फ्रैंचाइजी चलाता था, लेकिन अब इसका फोकस बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर है. कंपनी में 1000 से ज्यादा लोग काम करते हैं और यह सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के इंडिया बिजनेस कमिटी के चेयरमैन भी प्रसून मुखर्जी हैं.
कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, इसने लाखों स्क्वेयर फीट डेवलप किया है, लाखों जॉब्स पैदा किए हैं और लोकल कम्युनिटी को फायदा पहुंचाने पर जोर देती है.
तीन एमओयू पर हुए साइन
योगी आदित्यनाथ ने जिन तीन एमओयू पर साइन किया है, उनके बारे में भी आपको बताते हैं. पहला एमओयू जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी क्षेत्र में 100 एकड़ पर इंटरनेशनल थीम बेस्ड टाउनशिप के लिए है, जिसमें ग्रुप हाउसिंग जैसी सुविधाएं होंगी. दूसरा लॉजिस्टिक्स पार्क कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बनेगा, जो सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट को मजबूत करेगा. तीसरा हाइपरस्केल डेटा सेंटर नोएडा या ग्रेटर नोएडा में होगा, जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट देगा. इन प्रोजेक्ट्स से 20 हजार से ज्यादा रोजगार के मौके पैदा होंगे, खासकर युवाओं के लिए. मुख्यमंत्री ने बैठक में कंपनी को डेटा सेंटर प्लान को तेज करने की अपील की और राज्य सरकार की तरफ से पूरी मदद का भरोसा दिया.
ये समझौते लखनऊ से जारी सरकारी बयान के मुताबिक हुए हैं और योगी जी की यात्रा 23-24 फरवरी तक है. पहले दिन ही 19,877 करोड़ के कई एमओयू साइन हुए, जिसमें यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप का 6,650 करोड़ सबसे बड़ा हिस्सा है. अन्य कंपनियां जैसे गोल्डन स्टेट कैपिटल ने भी 8,000 करोड़ के डेटा सेंटर के लिए एमओयू किए. योगी सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियां, ट्रांसपरेंसी प्रोसेस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से सिंगापुर जैसे देश के निवेशक यूपी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. यूपी अब भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तेजी से बढ़ रहा है. ये निवेश राज्य में शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इंफ्रा और रोजगार को नई रफ्तार देंगे.
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