रांची से दिल्ली आ रही एयर एंबुलेंस के क्रैश होने से सात लोगों की जान चली गई है. हादसे का शिकार रेडबर्ड एयरवेज़ द्वारा संचालित एयर एंबुलेंस बीचक्राफ्ट किंग एयर सी90 का इस्तेमाल दुनियाभर में एयर एंबुलेंस सेवाओं के लिए एक भरोसेमंद नाम है.
रेडबर्ड एयरवेज़ के पास विमानों का एक बड़ा पोर्टफोलियो है, जिसमें किंग एयर C90 के अलावा कई छोटे विमान शामिल हैं.
बीचक्राफ्ट किंग एयर C90 ने 1970 के दशक से अपनी मजबूती और बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. यह ट्विन-टर्बोप्रॉप बिजनेस एयरक्राफ्ट विशेष रूप से अपनी छोटी और मध्यम दूरी की उड़ानों, कॉर्पोरेट चार्टर और एयर एंबुलेंस जैसे महत्वपूर्ण मिशनों के लिए दुनिया भर में लोकप्रिय है. समय के साथ इसके कई उन्नत वेरिएंट्स जैसे C90GT, C90GTi और C90GTx बाजार में आए हैं जिन्होंने अपनी अत्याधुनिक तकनीक और परफॉर्मेंस से इसे छोटे निजी विमानों की श्रेणी में खूब नाम कमाया है.
किंग एयर C90 की खूबियां
- अत्यधिक विश्वसनीय इंजन : इसमें प्रैट एंड व्हिटनी कनाडा PT6A सीरीज के दो शक्तिशाली इंजन लगे हैं, जो अपनी बेमिसाल विश्वसनीयता के लिए जाने जाते हैं. इस विमान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एक इंजन फेल होने की स्थिति में भी यह दूसरे इंजन के सहारे सुरक्षित उड़ान भरने और लैंडिंग करने में पूरी तरह सक्षम है.
- बेहतरीन रफ्तार और ऊंचाई की क्षमता: यह विमान लगभग 480 से 500 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से उड़ान भर सकता है, जो इसे कम समय में गंतव्य तक पहुंचाता है. साथ ही, यह अधिकतम 30,000 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है, जिससे यह खराब मौसम और बादलों के ऊपर से सुगम यात्रा सुनिश्चित करता है.
- किफायती संचालन और रखरखाव: जेट विमानों की तुलना में इसकी ऑपरेटिंग कॉस्ट काफी कम है, जो इसे चार्टर और एयर एंबुलेंस सेवाओं के लिए बेहद कॉस्ट-इफेक्टिव बनाता है. इसके इंजनों का लंबा सर्विस अंतराल (TBO) और बाजार में स्पेयर पार्ट्स की आसान उपलब्धता इसके मेंटेनेंस को काफी सरल और सस्ता बनाती है.
- मल्टी यूज: यह विमान छोटे और कच्चे रनवे पर भी आसानी से उतर सकता है, जिससे यह दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा आपातकाल और राहत कार्यों के लिए सबसे पहली पसंद है. इसकी केबिन डिजाइन इतनी लचीली है कि इसे कॉर्पोरेट मीटिंग्स से लेकर पेशेंट स्ट्रेचर फिट करने के लिए भी तुरंत बदला जा सकता है.
2018 में बनी थी रेडबर्ड एयरवेज
रेडबर्ड एयरवेज़ की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी की स्थापना वर्ष 2018 में अक्षय कुमार ने की थी और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है. कंपनी को अगस्त 2019 में नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स (चार्टर एवं एयर एंबुलेंस) संचालित करने के लिए आधिकारिक परमिट प्राप्त हुआ था. रेडबर्ड एयरवेज़ का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा और लक्ज़री के साथ विश्वस्तरीय चार्टर सेवाएं प्रदान करना रहा है. कंपनी के पास अपना इन-हाउस मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सेटअप भी है, जो विमानों के रखरखाव का काम देखता है.
कंपनी के संस्थापक और सीईओ अक्षय कुमार एयरक्रॉफ्ट इंजीनियर हैं.
एयरक्राफ्ट इंजीनियर हैं संस्थापक
हादसे का शिकार बीचक्राफ्ट किंग एयर 90 विमान का संचालन रेडबर्ड एयरवेज़ कर रही थी. इसके संस्थापक और सीईओ अक्षय कुमार एयरक्रॉफ्ट इंजीनियर हैं. कंपनी की वेबसाइट पर दावा किया गया है कि वे पिछले 14 वर्षों से एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक इंजीनियर के तौर पर की थी और बाद में ‘एयरकैब एविएशन’ की स्थापना की. बहुत कम समय में उन्होंने अपना खुद का विमान बेड़ा खड़ा किया और रेडबर्ड एयरवेज़ को भारत की एक विश्वसनीय सेवा प्रदाता बना दिया. वे कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर, सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर का कार्यभार संभाल रहे हैं.
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