दीपिंदर गोयल ने 18 साल में इटर्नल को बनाया है, लेकिन अब वे कहते हैं कि इटर्नल को फोकस्ड और डिसिप्लाइंड रखने के लिए CEO का रोल छोड़ना जरूरी है. वे लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी, कल्चर, लीडरशिप और गवर्नेंस में शामिल रहेंगे, लेकिन डे-टू-डे ऑपरेशन्स अल्बिंदर ढिंडसा संभालेंगे. गोयल ने अपने अनवेस्टेड ESOPs को कंपनी के पूल में वापस कर दिया है, ताकि फ्यूचर लीडर्स को बेनिफिट मिले बिना शेयरधारकों को डाइल्यूशन न हो.
फ्यूचर प्लान्स: हाई-रिस्क एक्सपेरिमेंट्स पर फोकस
गोयल का कहना है कि वे ऐसे आइडियाज पर काम करना चाहते हैं जो ज्यादा रिस्की और एक्सपेरिमेंटल हैं. इनमें मुख्य रूप से दो क्षेत्र हैं:
लॉन्गेविटी और ब्रेन हेल्थ रिसर्च (Continue Research)
गोयल ने 2024 में कंटीन्यू रिसर्च (Continue Research) नाम की एक इंडिपेंडेंट रिसर्च फाउंडेशन शुरू की थी, जिसमें उन्होंने अपने पर्सनल फंड्स से $25 मिलियन (करीब ₹225 करोड़) निवेश किया है. यह फाउंडेशन हेल्दी लाइफस्पैन बढ़ाने पर फोकस करती है. मुख्य हाइपोथेसिस “ग्रैविटी एजिंग हाइपोथेसिस” है, जो कहती है कि गुरुत्वाकर्षण की वजह से ब्रेन में ब्लड फ्लो कम होता है, जो एजिंग को तेज करता है. कंटीन्यू रिसर्च ओपन-सोर्स रिसर्च को सपोर्ट करती है और वैज्ञानिकों को फंडिंग देती है.
टेम्पल (Temple) – ब्रेन ब्लड फ्लो मॉनिटरिंग वियरेबल
यह दीपिंदर गोयल का सबसे चर्चित प्रोजेक्ट है. टेम्पल एक छोटा वियरेबल डिवाइस है, जो माथे पर लगाकर ब्रेन में रीयल-टाइम ब्लड फ्लो ट्रैक करता है. गोयल इसे पिछले एक साल से खुद टेस्ट कर रहे हैं. यह Continue Research का हिस्सा है और अभी प्रोटोटाइप स्टेज में है, कोई कमर्शियल लॉन्च नहीं हुआ. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेम्पल स्टार्टअप के लिए $50 मिलियन (करीब ₹450 करोड़) फंडिंग रेज करने की प्लानिंग है, जिसमें Steadview Capital, Vy Capital, Info Edge और Peak XV जैसे इन्वेस्टर्स शामिल हैं. वैल्यूएशन $125 मिलियन तक हो सकता है.
अन्य प्रोजेक्ट्स
गोयल पहले से ही LAT Aerospace में निवेश कर चुके हैं, जो इलेक्ट्रिक शॉर्ट-टेकऑफ लैंडिंग एयरक्राफ्ट पर काम करता है. यह भी हाई-रिस्क डीप-टेक क्षेत्र है. कुल मिलाकर, गोयल अब कंज्यूमर इंटरनेट से हटकर लॉन्गेविटी, ब्रेन हेल्थ और एडवांस्ड एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में शिफ्ट हो रहे हैं.
सोशल मीडिया पर चर्चाएं और रिएक्शन्स
पॉजिटिव: कई एक्स यूजर्स इसे “फ्यूचर ऑफ ब्रेन हेल्थ” कह रहे हैं. उदाहरण के लिए, एक यूजर ने कहा कि टेम्पल ब्रेन ब्लड फ्लो ट्रैक करके एजिंग को समझने में मदद कर सकता है, और यह लॉन्गेविटी को बदल सकता है. कुछ ने इसे गोयल की “रेडिकल थिंकिंग” बताया, जो फूड डिलीवरी से ब्रेन साइंस तक शिफ्ट है. गोयल की ग्रैविटी हाइपोथेसिस को इंस्पायरिंग माना जा रहा है, और लोग कह रहे हैं कि अगर यह क्रैक हो गया तो इंसान की उम्र बढ़ सकती है. इटर्नल के इस्तीफे को “मैच्योर मूव” कहा जा रहा है, जहां गोयल अब इनोवेटिव आइडियाज पर फोकस करेंगे.
क्रिटिकल: न्यूरोलॉजिस्ट्स और डॉक्टर्स ने इसे “स्यूडो-साइंस” या “रिडिकुलस एक्सपेरिमेंट” कहा है. AIIMS के एक डॉक्टर ने कहा कि कोई क्लिनिकल ट्रायल्स, पब्लिश्ड डेटा या अप्रूवल नहीं है, और यह डिवाइस डीप ब्रेन सर्कुलेशन को सही से मेजर नहीं कर सकती. एक न्यूरोलॉजिस्ट ने बताया कि ब्रेन ब्लड फ्लो को स्किन पर लगे डिवाइस से मेजर करना मुश्किल है, और यह सिर्फ सरफेस ब्लड फ्लो ट्रैक कर सकता है. कुछ ने आरोप लगाया कि गोयल ग्रैविटी थ्योरी को प्रमोट करके डिवाइस बेचने की मार्केटिंग कर रहे हैं, जो कस्टमर्स का ट्रस्ट खो सकता है. इनवर्सन जैसे उनके सजेशन्स को डेंजरस बताया गया. गोयल ने जवाब में कहा कि यह प्रोटोटाइप है, और कोई क्लेम्स नहीं जज करने चाहिए.
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