जैसे-जैसे समिट की तारीखें नजदीक आ रही हैं, होटल्स के कमरों का रेट होश उड़ा रहे हैं. ट्रेवल पोर्टलों के अनुसार जो स्टैंडर्ड कमरे आमतौर पर ₹20,000 से ₹40,000 प्रति रात में मिल जाते थे, उनकी कीमतें अब लाखों में पहुंच गई हैं.
आईटीसी मौर्य जैसे महंगे होटल लगभग फुल हो चुके हैं.
यह अब तक के वैश्विक एआई सम्मेलनों में सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है. इसमें 100 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद है, जिसमें 15 से 20 राष्ट्राध्यक्ष, 50 से अधिक मंत्री और वैश्विक तकनीकी दिग्गज शामिल होंगे. एआई इकोसिस्टम के लगभग 500 अग्रणी शोधकर्ता और सीटीओ (CTOs) की मौजूदगी ने दिल्ली को दुनिया का केंद्र बना दिया है. इस शिखर सम्मेलन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही 35,000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं.
लाखों रुपपये हुआ एक रात का किराया
जैसे-जैसे समिट की तारीखें नजदीक आ रही हैं, होटल्स के कमरों का रेट होश उड़ा रहे हैं. ट्रेवल पोर्टलों के अनुसार जो स्टैंडर्ड कमरे आमतौर पर ₹20,000 से ₹40,000 प्रति रात में मिल जाते थे, उनकी कीमतें अब लाखों में पहुंच गई हैं. कुछ श्रेणियों में कमरों का किराया ₹4 लाख से ₹5 लाख प्रति रात के स्तर को पार कर गया है. लक्जरी सुइट्स की कीमतें तो और भी अधिक हैं, और कई होटलों ने ‘मिनिमम-स्टे’ (न्यूनतम ठहराव) जैसी सख्त शर्तें लागू कर दी हैं.
लुटियंस दिल्ली और एरोसिटी के प्रमुख होटलों जैसे द लीला पैलेस, आईटीसी मौर्य और ताज पैलेस में ऑक्यूपेंसी दरें लगभग 100% तक पहुंच गई हैं. कनॉट प्लेस के पास स्थित होटल जैसे द पार्क, शांगरी-ला और द इम्पीरियल या तो पूरी तरह बुक हो चुके हैं या फिर अंतिम बचे हुए कमरों को अत्यधिक ऊंची कीमतों पर सूचीबद्ध कर रहे हैं. इस भारी मांग के कारण सामान्य पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों के लिए दिल्ली में ठहरना एक बड़ी चुनौती बन गया है.
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