सिगरेट पर टैक्स बढ़ने के बाद आईटीसी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी और यह एक साल के निचले स्तर तक टूट गया था. हालिया तेजी के बावजूद ब्रोकरेज फर्म अभी भी सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं. टेक्निकल चार्ट और टैक्स दबाव दोनों आईटीसी के लिए बड़ा रिस्क बने हुए हैं. ब्रोकरेज हाउस ने आईटीसी की रेटिंग और टारगेट प्राइस घटा दिए हैं. सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे वॉल्यूम और मार्जिन पर असर पड़ने की चिंता जताई जा रही है.
एसबीआई सिक्योरिटीज के प्रमुख टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के मुताबिक हालिया तेजी उत्साहित करने वाली जरूर है, लेकिन इसे ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि मजबूत वॉल्यूम के साथ लॉन्ग बुलिश कैंडल बनना पॉजिटिव संकेत है, लेकिन स्टॉक अभी भी अहम शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे है. उन्होंने बताया कि हालिया तेजी 305 से 310 रुपये के लॉन्ग टर्म सपोर्ट लेवल से आई है और अगर यह सपोर्ट टूटता है तो स्टॉक में फिर कमजोरी बढ़ सकती है.
ब्रोकरेज फर्मों ने क्यों घटाया टारगेट प्राइस
सिगरेट पर टैक्स बढ़ने के नोटिफिकेशन के बाद कई ब्रोकरेज फर्मों ने आईटीसी की रेटिंग और टारगेट प्राइस घटा दिए. नुवामा ने रेटिंग खरीदारी से घटाकर होल्ड कर दी और टारगेट प्राइस 534 रुपये से घटाकर 415 रुपये कर दिया. मोतीलाल ओसवाल ने भी रेटिंग खरीदारी से घटाकर न्यूट्रल कर दी और टारगेट प्राइस 400 रुपये कर दिया.
नुवामा के मुताबिक टैक्स बढ़ोतरी उम्मीद से ज्यादा रही, जबकि मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि नेट रियलाइजेशन बनाए रखने के लिए कंपनी को कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.
सिगरेट पर टैक्स बढ़ने का असर
दिसंबर 2025 में संसद ने सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल को मंजूरी दी थी, जिससे सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ. आदेश के अनुसार सिगरेट पर 40 प्रतिशत जीएसटी के अलावा एक्साइज ड्यूटी भी लागू की गई है.
वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक 1,000 सिगरेट पर 2,050 से 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लागू हुई है. इसके बाद सिगरेट की कीमतों में तेज उछाल आया और 10 सिगरेट के पैकेट की कीमत करीब 22 से 25 रुपये तक बढ़ गई है.
आईटीसी शेयर का आगे का आउटलुक
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईटीसी के शेयर में लंबी अवधि की रिकवरी तभी टिकाऊ होगी जब सपोर्ट लेवल मजबूत रहेगा और टैक्स का असर कीमतों और वॉल्यूम पर सीमित रहेगा. फिलहाल टेक्निकल और फंडामेंटल दोनों फैक्टर इसे लेकर सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं.
(Disclaimer: यहां बताए गया स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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