बारामती में लियरजेट हादसे के बाद DGCA ने नॉन शेड्यूल ऑपरेटर्स के लिए विशेष सेफ्टी ऑडिट शुरू कर दिया है. यह ऑडिट 4 फरवरी से शुरू हो चुका है और पहले चरण में 14 चार्टर और प्राइवेट ऑपरेटर्स को शामिल किया गया है. DGCA ने VSR Ventures सहित कई कंपनियों की सुरक्षा समीक्षा के लिए अलग अलग ऑडिट टीम गठित की है और रिपोर्ट 10 दिन में जमा करने का आदेश दिया है. इस कदम का मकसद प्राइवेट एविएशन में बढ़ते सेफ्टी रिस्क को कम करना है.
यह कार्रवाई 28 जनवरी 2026 को बारामती में M/s VSR Ventures Pvt Ltd के लियरजेट 45 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद की गई है. DGCA का कहना है कि इस ड्राइव का मकसद सुरक्षा मानकों की गहराई से समीक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे हादसे दोबारा न हों.
VSR Ventures का स्पेशल सेफ्टी ऑडिट
DGCA ने 2 फरवरी 2026 को M/s VSR Ventures Pvt Ltd के लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट VT SSK हादसे को लेकर विशेष सेफ्टी ऑडिट का आदेश दिया. इसके लिए छह सदस्यीय टीम बनाई गई है, जिसकी अगुवाई डिप्टी डायरेक्टर जनरल आर के आनंद (R K Anand) कर रहे हैं. टीम में एयर सेफ्टी, एयरवर्थिनेस और फ्लाइट ऑपरेशंस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. DGCA ने इस ऑडिट रिपोर्ट को 15 फरवरी 2026 तक मुख्यालय में जमा करने का निर्देश दिया है. कंपनी के अकाउंटेबल मैनेजर को भी इसकी कॉपी भेजी गई है ताकि सुरक्षा खामियों को तुरंत दूर किया जा सके.
14 नॉन शेड्यूल ऑपरेटर्स का फेज 1 सेफ्टी ऑडिट प्लान
DGCA ने 9 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक पहले चरण में 14 नॉन शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स का सेफ्टी ऑडिट प्लान किया है. इसमें चार्टर कंपनियां, प्राइवेट एयरलाइंस और हेलीकॉप्टर ऑपरेटर्स शामिल हैं. प्रमुख नामों में एयर चार्टर सर्विसेज (Air Charter Services), डेक्कन चार्टर्स (Deccan Charters), ग्लोबल वेक्ट्रा (Global Vectra), पवन हंस (Pawan Hans), रेडबर्ड एयरवेज (Redbird Airways), रिलायंस कमर्शियल डीलर्स (Reliance Commercial Dealers) और जेस्ट एविएशन (Zest Aviation) शामिल हैं. हर कंपनी के लिए DGCA ने अलग ऑडिट टीम नियुक्त की है जिसमें सीनियर डिप्टी डायरेक्टर्स और अनुभवी कैप्टन शामिल हैं.
रिपोर्टिंग डेडलाइन और DGCA की सख्ती
DGCA ने निर्देश दिया है कि हर ऑडिट टीम को ऑडिट पूरा होने के 10 दिन के भीतर रिपोर्ट DGCA मुख्यालय में जमा करनी होगी. रिपोर्ट में सेफ्टी गैप्स, मेंटेनेंस स्टैंडर्ड्स, पायलट ट्रेनिंग और ऑपरेशनल प्रोसीजर की समीक्षा शामिल होगी. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर DGCA लाइसेंस सस्पेंशन, जुर्माना और सुधारात्मक निर्देश जारी कर सकता है.
प्राइवेट एविएशन सेक्टर पर क्यों सख्त हुई सरकार
हाल के वर्षों में प्राइवेट जेट्स और चार्टर फ्लाइट्स में सेफ्टी से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है. पुराने एयरक्राफ्ट, कमजोर मेंटेनेंस और ऑपरेशनल लापरवाही को प्रमुख जोखिम माना जा रहा है. DGCA का मानना है कि बड़े पैमाने पर सेफ्टी ऑडिट से सिस्टमेटिक खामियां सामने आएंगी और सेक्टर में सेफ्टी कल्चर मजबूत होगा.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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