2026 में भी सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक विकल्प बना हुआ है. वैश्विक अनिश्चितता और ब्याज दरों में कटौती से सोने की कीमतों में तेजी की उम्मीद है. अब निवेशक डिजिटल और फिजिकल गोल्ड के बीच चुनाव कर सकते हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किस तरह का सोना किसके लिए ज्यादा बेहतर है.
डिजिटल गोल्ड या फिजिकल गोल्ड में कौन बेहतर है?(Image:AI)
डिजिटल गोल्ड: आसान और लचीला विकल्प
डिजिटल गोल्ड खासकर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इसे Paytm, PhonePe और Google Pay जैसे ऐप्स के जरिए बहुत आसानी से खरीदा और बेचा जा सकता है. इसमें स्टोरेज या सुरक्षा की चिंता नहीं रहती, क्योंकि खरीदा गया सोना बीमाकृत वॉल्ट में सुरक्षित रखा जाता है. डिजिटल गोल्ड की सबसे बड़ी खासियत इसकी लिक्विडिटी है- निवेशक कभी भी इसे कैश में बदल सकते हैं. कई प्लेटफॉर्म डिजिटल गोल्ड को सिक्कों या बार में बदलने की सुविधा भी देते हैं, जिससे यह विकल्प और आकर्षक बनता है.
फिजिकल गोल्ड: परंपरा और भरोसे की पहचान
भारत में आज भी बड़ी संख्या में लोग फिजिकल गोल्ड को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं. सोने के गहने, सिक्के और बार सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक संपत्ति का प्रतीक माने जाते हैं. हालांकि फिजिकल गोल्ड के साथ कुछ अतिरिक्त खर्च भी जुड़े होते हैं, जैसे मेकिंग चार्ज, लॉकर शुल्क और 3 प्रतिशत जीएसटी. इसके बावजूद लंबे समय के निवेश और भावनात्मक जुड़ाव के कारण लोग फिजिकल गोल्ड को प्राथमिकता देते हैं.
लागत, रिटर्न और टैक्स का गणित
डिजिटल और फिजिकल- दोनों तरह के सोने का रिटर्न बाजार भाव पर ही निर्भर करता है, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी लगभग समान रहती है. डिजिटल गोल्ड आमतौर पर थोड़ा सस्ता पड़ता है, क्योंकि इसमें मेकिंग या वेस्टेज चार्ज नहीं होता. टैक्स नियम भी दोनों के लिए लगभग एक जैसे हैं. हालांकि फिजिकल गोल्ड में शुरुआती लागत ज्यादा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में इसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.
जोखिम और सही चुनाव
डिजिटल गोल्ड पूरी तरह ऐप और प्लेटफॉर्म पर निर्भर होता है, इसलिए प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता बेहद अहम है. वहीं फिजिकल गोल्ड में चोरी या शुद्धता से जुड़ा जोखिम रहता है, अगर खरीद भरोसेमंद जगह से न की जाए. विशेषज्ञों के अनुसार, अगर निवेश का उद्देश्य लचीलापन और अल्पकालिक लाभ है तो डिजिटल गोल्ड बेहतर विकल्प हो सकता है. वहीं लंबे समय की सुरक्षा और पारंपरिक निवेश चाहने वालों के लिए फिजिकल गोल्ड आज भी मजबूत विकल्प बना हुआ है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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