सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारत और ईरान के बीच कारोबार पहले से ही काफी कम है. अगर आंकड़ों में देखा जाए तो भारत के लिए ईरान टॉप-50 ग्लोबल ट्रेड पार्टनर की लिस्ट में भी नहीं आता है. जाहिर है कि उसके नाम पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों से भारतीय निर्यातकों पर कोई खास नहीं होने वाला. पिछले साल के ट्रेड आंकड़े देखें तो भारत और ईरान के बीच कुल व्यापार 1.60 अरब डॉलर (करीब 14.40 हजार करोड़ रुपये) का रहा था, जो भारत के कुल ट्रेड का महज 0.15 फीसदी है. जाहिर है कि इस आंकड़े पर भारतीय निर्यातकों को ईरान से व्यापार करने या न करने से कोई खास फर्क पड़ने वाला नहीं है.
कहां से सबसे ज्यादा खरीदता है ईरान
भारत और ईरान के बीच कारोबार लगातार कम होता रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें आने वाले समय में बाहरी कारकों की वजह से और गिरावट आ सकती है. फिलहाल ईरान का जिन देशों से ज्यादा ट्रेड है, उसमें सबसे ऊपर वाला नाम तो डोनाल्ड ट्रंप के करीबी दोस्त का ही आता है. ईरान ने साल 2024 में कुल 68 अरब डॉलर का आयात किया था, जिसमें अकेले 30 फीसदी हिस्सेदारी यूएई की थी. ईरान ने यूएई से 21 अरब डॉलर का सामान मंगाया, जबकि दूसरे नंबर 17 अरब डॉलर के आयात के साथ चीन आता है, जिसकी ईरान के कुल आयात में 26 फीसदी हिस्सेदारी है. इसी तरह, तुर्की से 11 अरब डॉलर (16 फीसदी), यूरोपीय यूनियन से 6 अरब डॉलर (9 फीसदी) और भारत से 1.2 अरब डॉलर (2.3 फीसदी) का आयात ईरान ने किया.
भारत पर कहां पड़ेगा असर
भारत और ईरान का ट्रेड वैसे भी काफी कम है और इसमें भी भारत के कुल निर्यात का 61 फीसदी सिर्फ चावल शामिल होता है. अमेरिकी प्रतिबंधों में खाद्य पदार्थों को छूट मिली है, जिससे भारतीय चावल के निर्यात पर इसका असर नहीं होगा. ऐसे में भारत के लिए ट्रंप के इन प्रतिबंधों का असर और भी नगण्य हो जाता है. हालांकि, अगर ईरान के ट्रेड पर 25 फीसदी का टैरिफ लगता भी है तो भारत को सिर्फ कुछ खनिजों को लेकर ही परेशानी हो सकती है. फिलहाल भारत पेट्रोलियम बिटुमेन, लिक्विड प्रोपेन जैसे खनिज ही ईरान से मंगाता है. इसके अलावा नमक, सल्फर, मिट्टी, पत्थर, प्लास्टर, चूना और सीमेंट, पेट्रोलियम कोक जैसी चीजें भी कुछ मात्रा में ईरान से मंगाई जाती हैं.
6 साल पहले तक था बड़ा कारोबार
एक समय ऐसा था जब भारत और ईरान के बीच मोटा कारोबार होता था. कोरोनाकाल के पहले तक ईरान से भारत करीब 13 अरब डॉलर के कच्चे तेल की खरीद करता था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से यह खरीद पूरी तरह बंद हो गई. आज सिर्फ सूखे मेवे जैसे बादाम, पिस्ता, खजूर, रसायन और कांच का आयात ही ईरान से हो रहा है. अब ट्रंप के नए ऐलान के बाद इन चीजों के कारोबार पर भी असर पड़ेगा और ट्रेड सिमटकर सिर्फ जरूरी और खाने-पीने की चीजों तक ही रह जाएगा.
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