अमेरिका में घरों की बढ़ती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाउसिंग सेक्टर पर बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने बड़े निवेशकों को छोटे घर खरीदने से रोकने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं. इस फैसले से पहली बार घर खरीदने वाले युवाओं और मिडिल क्लास परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.
क्या है ट्रंप का नया आदेश
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने यह आदेश दावोस रवाना होने से पहले साइन किया. इसके तहत अमेरिकी ट्रेजरी विभाग को एक महीने के भीतर यह तय करना होगा कि ‘बड़ा संस्थागत निवेशक’ किसे माना जाएगा और ‘सिंगल-फैमिली होम’ की परिभाषा क्या होगी. इसके बाद सरकार के पास 60 दिन का समय होगा, जिसमें आदेश को लागू करने के तरीकों पर फैसला लिया जाएगा. अभी कंपनियों पर घर खरीदने की कोई सीधी रोक नहीं है, लेकिन दिशा साफ कर दी गई है.
युवाओं और मिडिल क्लास को क्यों मिल सकती है राहत
डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश में कहा कि मेहनती युवा परिवार वॉल स्ट्रीट की बड़ी कंपनियों और उनके विशाल संसाधनों से मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं. उनका कहना है कि कभी अमेरिका के शहर और मोहल्ले मिडिल क्लास परिवारों से चलते थे, लेकिन अब उन पर कंपनियों का कब्जा बढ़ता जा रहा है. ‘घर लोगों के लिए होते हैं, कंपनियों के लिए नहीं’, यह टिप्पणी ट्रंप की सोच को साफ दिखाती है. इस कदम का उद्देश्य पहली बार घर खरीदने वालों के लिए प्रतिस्पर्धा कम करना है.
एंटीट्रस्ट जांच और बाजार पर असर
इस आदेश के तहत अमेरिकी सरकार ऐसे नियम बनाएगी, जो खुद रहने के लिए खरीदे जाने वाले घरों की बिक्री को बढ़ावा दें. साथ ही न्याय विभाग और फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) हाउसिंग सेक्टर में बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई खरीदारी की एंटीट्रस्ट समीक्षा करेंगे. इस फैसले का असर शेयर बाजार पर भी दिखा है और S&P 1500 होमबिल्डिंग इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई है. ब्लैकस्टोन जैसी रियल एस्टेट दिग्गज कंपनियां भी निवेशकों की नजर में आ गई हैं.
बड़े निवेशक निशाने पर, आम लोगों को नहीं होगा नुकसान
दावोस में फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने साफ किया कि यह कदम केवल सबसे बड़े रियल एस्टेट निवेशकों को ध्यान में रखकर उठाया गया है. उन्होंने कहा कि आम लोगों को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी. अमेरिका में घर खरीदने की चुनौती कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार घर खरीदने वालों की औसत उम्र अब 40 साल तक पहुंच गई है. ऐसे में यह फैसला युवाओं के लिए उम्मीद की किरण माना जा रहा है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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