अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ 15 फीसदी तक बढ़ाने का ऐलान किया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आई इस घोषणा से निवेशकों में भ्रम बढ़ गया. डाउ 600 से ज्यादा अंक टूट गया और प्रमुख सूचकांक दबाव में आ गए. अनिश्चितता के माहौल में सोना चढ़ा, जबकि बिटकॉइन में गिरावट दर्ज हुई.
सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद टैरिफ बढ़ोतरी, वॉल स्ट्रीट में तेज गिरावट. (Image:AI)
डाउ 600 अंक टूटा, प्रमुख सूचकांक दबाव में
टैरिफ बढ़ोतरी के बयान के बाद Dow Jones Industrial Average करीब 635 अंक यानी 1.3 फीसदी गिर गया. वहीं S&P 500 में 0.6 फीसदी और Nasdaq Composite में 0.7 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई. बाजार को उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से व्यापार तनाव कम होगा, लेकिन ट्रंप के नए बयान ने फिर से अनिश्चितता बढ़ा दी. उन्होंने चेतावनी दी कि जो देश ‘खेल’ खेलने की कोशिश करेंगे, उन पर और ज्यादा शुल्क लगाया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सख्त रुख
हाल ही में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ को रद्द कर दिया था. इसके बाद ट्रंप ने 10 फीसदी की जगह 15 फीसदी वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह कदम तुरंत प्रभाव से लागू होगा, हालांकि आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि जिन देशों ने वर्षों तक अमेरिका का फायदा उठाया, उन्हें अब ज्यादा शुल्क चुकाना होगा. यह कदम ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122 के तहत उठाया गया है, जो राष्ट्रपति को सीमित अवधि के लिए टैरिफ लगाने की अनुमति देता है.
यूरोप चिंतित, सोना उछला
टैरिफ बढ़ने से यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ गई है. यूरोपीय कमीशन ने एक बयान जारी कर कहा कि मौजूदा हालात संतुलित और पारस्परिक लाभ वाले व्यापार के अनुकूल नहीं हैं. बाजार में अनिश्चितता बढ़ने से सोने की कीमतों में तेजी आई. स्पॉट गोल्ड करीब 2 फीसदी चढ़ा, जबकि फ्यूचर्स में लगभग 3 फीसदी की बढ़त रही. सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों ने सोने की ओर रुख किया.
बिटकॉइन फिसला, आगे भी उतार-चढ़ाव संभव
जहां सोना चमका, वहीं बिटकॉइन में गिरावट देखी गई. यह एक समय 65,000 डॉलर से नीचे फिसल गया, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी हुई. फिर भी इसमें 2 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी बनी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ को लेकर खींचतान पूरे साल बाजार के लिए चुनौती बनी रह सकती है. निवेशक अब यह देखना चाह रहे हैं कि 150 दिन की अवधि के बाद टैरिफ नीति किस दिशा में जाती है. फिलहाल साफ है कि वैश्विक व्यापार और बाजार दोनों में अस्थिरता का दौर जारी रहेगा.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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