Edible Oil Price Hike- भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर निर्भर है. वैश्विक बाजारों में खाद्य तेलों के दाम बढ़ने से भारत में भी सोयाबीन, सूरजमुखी और मूंगफली के तेल के रेट में वृद्धि हो गई है.
भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर निर्भर है.
उपभोक्ता मामलों के विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार 12 मार्च 2026 को प्रमुख खाद्य तेलों के औसत खुदरा दाम 5 मार्च की तुलना में बढ़े हैं. सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सनफ्लावर ऑयल में देखने को मिली है. इसकी कीमत एक हफ्ते में ₹175 प्रति किलो से बढ़कर ₹179 प्रति किलो हो गई, यानी इसमें ₹4 की वृद्धि दर्ज की गई. मूंगफली तेल का औसत खुदरा मूल्य ₹195 से बढ़कर ₹197 प्रति किलो हो गया, जबकि पाम ऑयल ₹135.5 से बढ़कर ₹138 प्रति किलो पर पहुंच गया.
सोयाबीन और सरसों तेल भी हुआ महंगा
अन्य खाद्य तेलों में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सोयाबीन ऑयल की कीमत ₹151 से बढ़कर ₹152 प्रति किलो और वनस्पति की कीमत ₹156 से बढ़कर ₹157 प्रति किलो हो गई. वहीं सरसों के तेल के दाम ₹186 से बढ़कर ₹186.5 प्रति किलो हो गए.
आयात पर निर्भर है भारत
भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर निर्भर है. देश में कुल वनस्पति तेल आयात का लगभग 89–90 प्रतिशत हिस्सा कच्चा पाम ऑयल, कच्चा सोयाबीन ऑयल और कच्चा सनफ्लावर ऑयल का होता है.
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