देश में शहरी ट्रैफिक की समस्या लगातार बढ़ रही है. इसी चुनौती का हल लेकर आई है चेन्नई की स्टार्टअप E-plane. कंपनी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी विकसित कर रही है जो शहर के भीतर उड़ान भरेगी. निवेशकों के भरोसे और नई तकनीक के दम पर यह तेजी से आगे बढ़ रही है.
चेन्नई की कंपनी E-plane बना रही इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी. (Image: Social Media)
E-plane की शुरुआत
चेन्नई स्थित E-plane की शुरुआत साल 2019 में सत्य चक्रवर्ती और प्रांजल मेहता ने की थी. यह एक सीरीज-B स्टार्टअप है, जो इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) एयरक्राफ्ट विकसित कर रही है. कंपनी का उद्देश्य शहरों में ट्रैफिक जाम कम करना और तेज, शांत व पर्यावरण-अनुकूल हवाई यात्रा का विकल्प देना है. E-plane की एयर टैक्सी को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वह शहर के भीतर कम दूरी की यात्रा को आसान और समय-बचत बनाने में मदद करे.
21.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग, निवेशकों का भरोसा
E-plane अब तक कुल 21.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटा चुकी है. कंपनी ने यह राशि 8 अलग-अलग राउंड में हासिल की है. पहला निवेश नवंबर 2020 में मिला था, जबकि ताजा सीरीज-B राउंड अक्टूबर 2024 में पूरा हुआ. इस राउंड में 34 निवेशकों ने भाग लिया. कंपनी के पास 42 संस्थागत और 37 एंजेल निवेशक हैं. स्पेशल इन्वेस्ट, माइसेलियो और एंटारेस वेंचर्स जैसे निवेशकों का समर्थन कंपनी की विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है.
क्या है कंपनी का फोकस और प्रतिस्पर्धा?
E-plane शहरी हवाई गतिशीलता पर काम कर रही है. इसका लक्ष्य ऐसी एयर टैक्सी बनाना है जो यात्रियों और कार्गो दोनों के लिए सुरक्षित और प्रभावी समाधान दे सके. कंपनी के सामने 282 सक्रिय प्रतिस्पर्धी हैं, जिनमें 63 को फंडिंग मिल चुकी है और 18 कंपनियां एग्जिट कर चुकी हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Ehang, BETA और Archer जैसी कंपनियां इस क्षेत्र में प्रमुख मानी जाती हैं. ऐसे में E-plane के लिए तकनीक, सुरक्षा और लागत के मामले में बेहतर प्रदर्शन करना जरूरी होगा.
मजबूत टीम और बढ़ती कर्मचारी संख्या
कंपनी के सह-संस्थापक सत्य चक्रवर्ती CTO की भूमिका में हैं और वे पहले भी कई स्टार्टअप स्थापित कर चुके हैं. प्रांजल मेहता कंपनी के पूर्व CEO रहे हैं. बोर्ड में सत्य चक्रवर्ती और जयकृष्णन रामास्वामी जैसे सदस्य शामिल हैं. अगस्त 2025 तक कंपनी में 135 कर्मचारी हैं, जो पिछले साल की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक हैं. यह बढ़ोतरी बताती है कि कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है और आने वाले समय में भारत के शहरी परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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