FASTag Annual Pass: फास्टैग एनुअल पास बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. लॉन्च होने के 6 महीनों में ही 50 लाख से ज्यादा ऐसे पास बिक चुके हैं.
दिल्ली-एनसीआर के बिजवासन टोल प्लाजा पर इसका सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है, जहां करीब 57 फीसदी कारें सालाना पास के जरिए गुजर रही हैं. इसके बाद मुंडका टोल प्लाजा (दिल्ली-एनसीआर) और झिंझोली टोल प्लाजा (सोनीपत) हैं, जहां करीब 53 फीसदी नॉन-कमर्शियल व्हीकल इस पास का इस्तेमाल कर रहे हैं.
फास्टैग एनुअल पास टांजैक्शन में सबसे ज्यादा चंडीगढ़ की हिस्सेदारी
राज्यवार आंकड़ों में चंडीगढ़ सबसे आगे है, जहां देशभर के कुल सालाना पास ट्रांजैक्शन में 14 फीसदी हिस्सेदारी है. इसके बाद तमिलनाडु 12.3 फीसदी और दिल्ली 11.5 फीसदी के साथ अगले स्थान पर हैं.
एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक इस्तेमाल
फास्टैग एनुअल पास करीब 1,150 टोल प्लाजा पर लागू है. इसे एक बार 3,000 रुपये का भुगतान कर एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक इस्तेमाल किया जा सकता है. यह सभी नॉन-कमर्शियल व्हीकल के लिए वैलिड है और Rajmargyatra ऐप या NHAI की वेबसाइट से भुगतान करने पर दो घंटे के भीतर मौजूदा फास्टैग पर एक्टिव हो जाता है.
टोल पर रुकने की परेशानी कम
एक्सपर्ट का मानना है कि फास्टैग एनुअल पास से टोल पर रुकने की परेशानी कम हुई है और लोगों को किफायती व सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिला है. यही वजह है कि हाईवे यात्रियों के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
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रवि सिंह News 18 India में कार्यरत हैं. पिछले 20 वर्षों से इलेक्ट्रानिक मीडिया में सक्रिय हैं. उनकी मुख्य रूप से रेलवे,स्वास्थ्य,शिक्षा मंत्रालय,VHP और राजनीतिक गतिविधियों पर पकड़ है. अयोध्या में मंदिर की कवरेज…और पढ़ें
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