सच यह है कि भारत में ज्यादातर बैंक बिना इनकम प्रूफ के अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन देने से बचते हैं. पर्सनल लोन भरोसे पर दिया जाता है. बैंक यह देखना चाहते हैं कि आपकी आमदनी नियमित है और आप समय पर ईएमआई चुका पाएंगे या नहीं. जब कागजों में आमदनी साफ नहीं दिखती, तो बैंक को रिस्क ज्यादा लगता है.
पुराने भुगतान रिकॉर्ड के आधार पर लोन
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि सभी रास्ते बंद हो जाते हैं. कुछ हालात में लोन मिलने की संभावना रहती है. अगर आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे ऊपर है और आपने पहले क्रेडिट कार्ड या लोन की किश्तें समय पर चुकाई हैं, तो कुछ लेंडर्स आपके पुराने भुगतान रिकॉर्ड के आधार पर लोन पर विचार कर सकते हैं.
GST रिटर्न, बिजनेस रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज से भी मिल सकता है लोन
सेल्फ एम्प्लॉयड वालों के लिए भी कुछ विकल्प होते हैं. वे सैलरी स्लिप की जगह GST रिटर्न, बैंक अकाउंट में नियमित लेनदेन या बिजनेस रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज दिखा सकते हैं।. इसके अलावा, अगर आपका किसी बैंक में लंबे समय से खाता है और उसमें नियमित ट्रांजैक्शन होते रहे हैं, तो वही बैंक प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन ऑफर कर सकता है.
सिक्योर्ड लोन सबसे आसान तरीका
बिना इनकम प्रूफ के लोन पाने का सबसे आसान तरीका सिक्योर्ड लोन होता है- जैसे गोल्ड लोन, फिक्स्ड डिपॉजिट पर लोन या प्रॉपर्टी के बदले लोन. इनमें बैंक को सुरक्षा मिलती है, इसलिए इनकम प्रूफ की सख्ती कम होती है.
बिना इनकम प्रूफ मिलने वाले लोन अक्सर महंगे
लेकिन यहां एक अहम बात समझनी जरूरी है. बिना इनकम प्रूफ मिलने वाले लोन अक्सर महंगे होते हैं. ब्याज दर ज्यादा हो सकती है, लोन की रकम कम मिलती है और अवधि भी छोटी रहती है. बिना डॉक्यूमेंट, तुरंत लोन जैसे आकर्षक विज्ञापनों से भी सावधान रहना चाहिए, क्योंकि कुछ ऐप्स बहुत ऊंचा ब्याज लेते हैं और वसूली के तरीके भी सख्त होते हैं.
अगर मामला इमरजेंसी का नहीं है, तो बेहतर होगा कि जल्दबाजी न करें. कुछ समय तक बैंक में नियमित जमा करें, बेसिक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करें और अपना CIBIL स्कोर सुधारें. कई बार थोड़ी तैयारी आपको आगे चलकर सस्ता और सुरक्षित लोन दिला सकती है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.