चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी का रुख बना हुआ है. रविवार को सोने के भाव में औसतन ₹3,000 प्रति 10 ग्राम की वृद्धि दर्ज की गई है. राजस्थान सराफा एसोसिएशन के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत अब ₹1,58,754 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुँच गई है. इसके अलावा, 23 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,400 और जेवराती सोने यानी 22 कैरेट की कीमत ₹1,46,050 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है. वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत भी ₹1,35,500 के स्तर पर पहुँच गई है. गौरतलब है कि इन सभी कीमतों पर ग्राहकों को 3 प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी (GST) का भुगतान करना होगा, जिसके बाद गहनों की अंतिम कीमत और भी अधिक हो जाएगी. मेकिंग चार्ज और टैक्स के बाद मध्यम वर्गीय परिवार के लिए सोना खरीदना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है.
दो दिनों में चांदी ₹29,000 और सोना ₹7,000 महंगा
कीमतों में यह उछाल अचानक नहीं आया है, बल्कि पिछले दो दिनों से बाजार में लगातार तेजी का माहौल है. यदि बीते शुक्रवार की बात करें, तो उस दिन भी चांदी की कीमतों में ₹14,000 की भारी बढ़ोतरी हुई थी, जिससे भाव ₹3,02,500 प्रति किलो तक पहुँच गए थे. शुक्रवार को 24 कैरेट सोना भी ₹1,51,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था. पिछले 48 घंटों के अंतराल में चांदी कुल ₹29,000 और सोना करीब ₹7,000 से अधिक महंगा हो चुका है. लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है और निवेशकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. राजस्थान के प्रमुख शहरों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर के सराफा बाजारों में भी लगभग यही दरें प्रभावी हैं, हालांकि स्थानीय मेकिंग चार्ज और अन्य करों के कारण कुछ मामूली अंतर देखा जा सकता है.
शादियों के सीजन में सन्नाटा: व्यापारियों की बढ़ी चिंता
कीमतों में आए इस अभूतपूर्व उछाल का सीधा असर अब बाजार की रौनक पर दिखने लगा है. वर्तमान में शादियों का सीजन चल रहा है, जो पारंपरिक रूप से सोने और चांदी की खरीदारी का सबसे बड़ा समय माना जाता है. लेकिन ऊंचे भावों ने ग्राहकों के उत्साह पर पानी फेर दिया है. सराफा व्यापारियों का कहना है कि शोरूम में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है. कई परिवार अपनी सुनियोजित खरीदारी को टाल रहे हैं या फिर बजट के चलते हल्के वजन के गहनों (Lightweight Jewellery) की ओर रुख कर रहे हैं. व्यापारियों को डर है कि यदि कीमतों में तेजी का यह सिलसिला जारी रहा, तो आगामी हफ्तों में बाजार पूरी तरह सुस्त पड़ सकता है. जहाँ एक ओर निवेशकों के लिए यह तेजी फायदेमंद नजर आ रही है, वहीं आम उपभोक्ता और छोटे व्यापारियों के लिए यह स्थिति किसी संकट से कम नहीं है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.