आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) इस नई योजना को पीएम स्वनिधि (PM-SVANidhi) के मॉडल पर तैयार कर रहा है. यह योजना उन कामगारों के लिए होगी जो ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं. बिना गारंटी सस्ता लोन मिलने से गिग वर्कर्स को खूब फायदा होगा.
आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) इस नई योजना को पीएम स्वनिधि (PM-SVANidhi) के मॉडल पर तैयार कर रहा है. पीएम-स्वनिधि योजना ने रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, स्वनिधि योजना में लोन डिफॉल्ट की दर नगण्य रही है. उम्मीद है कि नई योजना में भी समय पर कर्ज चुकाने वालों को 7% तक की ब्याज सब्सिडी और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए कैशबैक जैसे प्रोत्साहन मिल सकते हैं.
गिग इकॉनमी को मिलेगी नई रफ्तार
आज के डिजिटल युग में गिग वर्कर्स अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन गए हैं. इस लोन की मदद से ये कर्मचारी अपने काम के लिए जरूरी संसाधन, जैसे कि दोपहिया वाहन, स्मार्टफोन या अन्य उपकरण आसानी से खरीद सकेंगे. यह योजना उन्हें केवल एक कर्मचारी से ऊपर उठाकर एक सूक्ष्म-उद्यमी (Micro-entrepreneur) के रूप में विकसित होने में मदद करेगी.
e-Shram पोर्टल बनेगा आधार
इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल रखा जाएगा. यह योजना उन कामगारों के लिए होगी जो ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं. नवंबर 2025 तक, लगभग 31.38 करोड़ असंगठित कामगार और 5 लाख से अधिक गिग वर्कर्स इस पोर्टल पर पहले से मौजूद हैं. लाभार्थियों के पास सरकारी पहचान पत्र और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) होना आवश्यक होगा. सबसे पहले उन कामगारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका सत्यापन (Verification) पूरा हो चुका है.
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