Airlines Compensation : पिछले दिनों इंडिगो की एक फ्लाइट में यात्रा के दौरान 72 साल के एक पैसेंजर की मौत हो गई. अब सवाल ये उठता है कि क्या नेचुरल डेथ के बाद भी कंपनी यात्री के परिवार को मुआवजा देगी.
भारतीय नागरिक विमानन महानिदेशालय के नियमानुसार, घरेलू विमान की उड़ान के दौरान अगर किसी यात्री की मौत हो जाती है तो उसे मिलने वाला मुआवजा कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है. भले ही उस यात्री की मौत किसी हादसे, मेडिकल इमरजेंसी या फिर प्राकृतिक कारणों से हुई हो, उसे एयरलाइंस की तरफ मुआवजा जरूर दिया जाता है. मुआवजे की राशि तय करने के लिए कई बार कोर्ट का भी सहारा लेना पड़ता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में ऐसी नौबत नहीं आती है.
भारत में इसके लिए क्या कानून
विमान यात्रा के दौरान किसी पैसंजर की मौत होने पर मिलने वाले मुआवजे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साल 1999 में Montreal Convention लागू किया गया था. भारत ने भी साल 2009 में इसे अपनाया, जो Carriage by Air Act, 1972 के तहत उपयोग में लाया जाता है. यही नियम इंटरनेशनल फ्लाइट पर भी लागू किया जाता है. जैसा कि पिछले साल अप्रैल में अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया विमान में हादसे के बाद मुआवजा बांटने के लिए लागू किया गया था. जाहिर है कि घरेलू विमानों के मामले में भी मुआवजा इसी आधार पर तय किया जाता है.
कितने पैसे का मिलेगा मुआवजा
डीजीसीए के मुताबिक, यात्रा के दौरान किसी पैसेंजर की मौत या शारीरिक क्षति के मामले में एयरलाइसं को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के स्पेशल ड्राविंग राइट्स (SDR) के तहत तत्काल राहत दी जाती है. एसडीआर से मिलने वाला मुआवजा 1,51,880 होता है, जिसमें एक एसडीआर की वैल्यू करीब 122 रुपये के आसपास रहती है. इससे पता चलता है कि कुल मुआवजे की राशि करीब 1.8 करोड़ रुपये के आसपास बैठती है. यह कीमत घरेलू विमानों में किसी यात्री की मौत के मामले पर भी लागू होती है. इससे माना जा सकता है जिस यात्री की इंडिगो के विमान में मौत हुई है, उनके परिवार को भी करीब इतना ही पैसा मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा.
तत्काल मिलती है कुछ रकम
Montreal Convention के तहत एयरलाइंस पीडि़त परिवार को कुछ रकम की तत्काल मदद देते हैं. इसके तहत कम से कम 16 हजार एसडीआर यानी करीब 18 से 20 लाख रुपये दिए जाते हैं, जो बाद में कुल रकम के साथ एडजस्ट हो जाते हैं. पीडि़त को यह सारा पैसा एयरलाइंस की बीमा पॉलिसी के तहत दिया जाता है, क्योंकि जैसे ही आप टिकट बुक कराते हैं, सभी यात्रियों को एक बीमा कवरेज भी दे दिया जाता है. पिछले साल एयर इंडिया का विमान क्रैश होने के बाद भी टाटा समूह ने 1 करोड़ रुपये का मुआवजा हर यात्री को दिया था, जबकि एयर इंडिया ने तत्काल मदद के रूप में 25 लाख का अंतरिम मुआवजा बांटा था. इस हादसे में परिवारों को 1.25 करोड़ से 1.85 करोड़ रुपये तक का मुआवजा मिला था.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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