शहर के हिसाब से तय करें अपना बजट
रिटायरमेंट के लिए आपको कितने पैसों की जरूरत होगी, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस शहर में बसना चाहते हैं. CA कौशिक के गणित के अनुसार, अगर आप किसी छोटे यानी Tier-3 शहर में शांति से रहना चाहते हैं, तो आपके पास कम से कम 1.2 करोड़ रुपये होने चाहिए. वहीं, Tier-2 शहरों के लिए यह आंकड़ा बढ़कर 3.5 करोड़ रुपये हो जाता है. अगर आपका सपना दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों (Metro Cities) में रहने का है, तो आपको 8 से 9 करोड़ रुपये या उससे भी अधिक के फंड की आवश्यकता होगी. यह राशि केवल एक सामान्य और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए है, न कि किसी विलासिता या लग्जरी के लिए.
30x फॉर्मूला: ऐसे निकालें अपनी जरूरत
अपनी रिटायरमेंट राशि का अंदाजा लगाने के लिए कौशिक ने एक सरल ’30x नियम’ साझा किया है. इस नियम के मुताबिक, आपको अपने सालाना खर्च को 30 से गुणा करना चाहिए. उदाहरण के लिए, यदि आपका सालाना खर्च 8 लाख रुपये है, तो आपको कम से कम 2.4 करोड़ रुपये का फंड जोड़ना होगा. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा हेल्थकेयर का होता है, जो आपके कुल बजट का 10-15% हिस्सा अकेले ही निगल सकता है. महंगाई और उपयोगिताओं के बढ़ते दाम आपकी बचत को धीरे-धीरे खत्म करते हैं, इसलिए आज की बचत को कल की महंगाई के हिसाब से प्लान करना ही बुद्धिमानी है.
देरी करने पर होगा करोड़ों का नुकसान
रिटायरमेंट प्लानिंग में ‘कंपाउंडिंग’ यानी चक्रवर्धि ब्याज का जादू तभी काम करता है जब आप जल्दी शुरुआत करते हैं. यदि आप 25 साल की उम्र में 9,000 रुपये प्रति माह की SIP शुरू करते हैं और 12 फीसदी रिटर्न मिलता है, तो 60 की उम्र तक आपके पास 5.8 करोड़ रुपये होंगे. लेकिन, अगर आप यही शुरुआत 10 साल की देरी से यानी 35 या 40 की उम्र में करते हैं, तो आपका फंड घटकर महज 1.8 करोड़ रुपये रह जाएगा. यानी सिर्फ 10 साल की देरी आपको 4 करोड़ रुपये का भारी नुकसान करा सकती है. समय गंवाना केवल वक्त का नुकसान नहीं, बल्कि धन बनाने के सबसे बड़े अवसर को खोना है.
छोटे निवेश से सुरक्षित करें भविष्य
निवेश शुरू करने के लिए आपके पास लाखों रुपये होना जरूरी नहीं है. CA कौशिक की सलाह है कि भले ही आप 2,000 से 5,000 रुपये से शुरुआत करें, लेकिन इसमें अनुशासन बनाए रखें. रिटायरमेंट का असली मकसद किसी आलीशान विला में रहना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि डॉक्टर के पास जाने से पहले आपको अपना बैंक बैलेंस न चेक करना पड़े. भविष्य में किसी भी तरह की ‘पैनिक’ या घबराहट से बचने का एकमात्र तरीका आज की ‘प्लानिंग’ है. याद रखें, आपका भविष्य शांति का हकदार है, और इसकी नींव आज की छोटी सी बचत से ही रखी जा सकती है.
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